बॉर्डर पर गोलीबारी में पंजाब का 'पुत्तर' कर्मजीत सिंह शहीद, घर में मचा कोहराम...गांव में पसरा मातम
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जम्मू के राजौरी सेक्टर में पाकिस्तान द्वारा सोमवार सुबह करीब साढे़ पांच बजे की गई गोलीबारी में मोगा के गांव जनेर निवासी जवान कर्मजीत सिंह शहीद हो गए। परिवार को सुबह करीब 11 बजे इस बारे में सूचना मिली तो परिवार समेत पूरे गांव में मातम छा गया। वहीं हलका धर्मकोट के एसडीएम नरिंदर सिंह परिवार के साथ दुख व्यक्त करने पहुंचे तो परिजनों ने गुहार लगाई कि और कितने जवानों का शहीद होना बाकी है।
भारत सरकार को पाकिस्तान सरकार के साथ बैठकर बातचीत के जरिए समाधान निकालना होगा। शहीद जवान कर्मजीत सिंह के पिता अवतार सिंह और फूफा रूपिंदर सिंह ने बताया कि वह दोनों भारतीय सेना से सेवामुक्त हो चुके हैं। हमेशा से ही उनके जहन में देश पहले और परिवार बाद में रहा है। बेटे कर्मजीत की शहादत पर उन्हें मान है लेकिन दोनों देशों को शांतिमय ढंग से बातचीत के जरिए इसका समाधान करना ही बेहतर होगा।
भारतीय सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब
अवतार सिंह ने बताया कि कर्मजीत सिंह का जन्म 15 नवंबर 1994 को हुआ था। 28 जून 2015 को कर्मजीत सिंह भारतीय सेना में भर्ती हुआ था और इस समय वह जम्मू के राजौरी सेक्टर में सुंदरबानी 18 सिख रेजीमेंट में तैनात था। सोमवार सुबह करीब पांच बजे पाकिस्तान आर्मी द्वारा की गई गोलीबारी के दौरान कर्मजीत सिंह शहीद हो गया। अभी कर्मजीत सिंह की शादी नहीं हुई थी।
डीसी संदीप हंस ने कहा कि पंजाब सरकार की पॉलिसी के अनुसार शहीद के परिवार को 12 लाख रुपये नकद और एक पारिवारिक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा अन्य कोई सहायता राज्य सरकार पर निर्भर है। शहीद के पार्थिव शरीर के मोगा आने के बारे में डीसी संदीप हंस को कोई जानकारी नहीं थी।