पाकिस्तान को अपनी ताकत का अहसास कराएगी भारतीय सेना और एयरफोर्स, शुरू हुआ दक्षता परीक्षण
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भारतीय सेना अब दुश्मन देश पाकिस्तान को अपनी ताकत का अहसास कराएगी। इसके लिए दक्षता परीक्षण किया जाएगा, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। भविष्य के खतरों को देखते हुए सेना अब अपने नए हथियारों और उपकरणों के साथ दक्षता परीक्षण करेगी। इस परीक्षण के लिए हरियाणा और पंजाब के कुछ दुर्गम इलाकों को चुना गया है।
ये वे इलाके हैं, जहां से पाकिस्तान बॉर्डर की दूरी ज्यादा नहीं है। जाहिर है सेना अपने इस दक्षता परीक्षण के बहाने पाकिस्तान को भी अपनी ताकत का अहसास करवाना चाहती है। इस दक्षता परीक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और ये परीक्षण वेस्टर्न कमांड के अधीन अंबाला आर्मी बेस कैंप स्थित सेना की खड्गा कोर की निगरानी में होगा।
उल्लेखनीय है कि विगत कुछ महीनों के अंतराल में भारतीय सेना और वायुसेना के बेड़े में कई तरह के नए एडवांस हथियार और उपकरण शामिल किए गए हैं। सेना की विभिन्न कोरस को उनकी जिम्मेवारी के लिहाज से ये हथियार और उपकरण उपलब्ध भी करवाए जा चुके हैं।
दरअसल, देश में जिस तरह के मौजूदा आंतरिक और बाह्य खतरों के हालात बने हुए हैं, उसके मद्देनजर ये हथियार व उपकरण सेना के लिए जरूरी माने जा रहे थे। अब चूंकि सेना को ये उपलब्ध करवा दिए गए हैं, तो इन एडवांस हथियारों और उपकरणों के डेवपलमेंट व दक्षता का परीक्षण करने का निर्णय सैन्य प्रशासन द्वारा लिया गया है। यह परीक्षण जून महीने में होगा।
परीक्षण के लिए घातक रणनीति का डिजाइन तैयार
इस परीक्षण के दौरान ऐसा माहौल बनाया जाएगा, जैसे वाकई दुश्मन से युद्ध छिड़ गया हो। दुश्मन के खिलाफ एक घातक रणनीति भी डिजाइन की गई है। जिसमें दुश्मन के खिलाफ एक तेज दंडात्मक झटका देते हुए सेना अपने इस परीक्षण को अंजाम देगी। इस अभ्यास के जरिए एडवांस हथियारों व उपकरणों को इस्तेमाल करने वाले जवानों का न केवल कौशल विकास होगा, बल्कि उनकी युद्ध संबंधी कार्यशैली भी अपग्रेड होगी।
एयरफोर्स भी होगी परीक्षणा का हिस्सा
सेना के इस दक्षता परीक्षण के दौरान कुछ दिन एयरफोर्स भी आर्मी को ज्वॉइन करेगी। दुश्मन के खिलाफ तैयार की गई रणनीति के अंतर्गत एयरफोर्स भी अपने उपकरणों के साथ अहम रोल अदा करेगा। सेना और वायुसेना इस दौरान मिलकर भविष्य के लिए संयुक्त युद्ध सिद्धांत और संयुक्त परिचालन सिद्धांत के विकास को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे