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किस्मत ने दिया 'दगा', अगर तेल खत्म न होता तो पाकिस्तान के सारे लड़ाकू जमींदोज कर दिए जाते

Thu, 12 Sep 2019 02:22 PM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 12 Sep 2019 02:22 PM IST
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Indian Air Force was shattered Pakistan first fighter planes sabres in 1965 war
भारतीय लड़ाकू विमान अजीत - फोटो : अमर उजाला
इंडियन एयरफोर्स ने ऐतिहासिक घटनाओं को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया है, ताकि देशवासी इन किस्सों पर गर्व कर सकें और दुश्मन इतिहास को जानकर खबरदार रहे।
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तेल कम न होता तो पाक के सारे विमान जमींदोज होते
घटना 03 सितंबर 1965 की है। जब भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान अजीत (नेट्स) ने पाकिस्तान का पहला लड़ाकू विमान सैबर्स को मार गिराया था। ऑपरेशन में हमारे विमानों का फ्यूल कम रह गया, वरना एक ही नहीं पाकिस्तान के सभी सैबर्स जमींदोज होते।

इस दिन एक प्लान के तहत सुबह 7 बजे भारतीय वायुसेना के 4 मिसटियर्स जहाज उड़ान भरकर 1500 फीट की ऊंचाई पर अखनूर सेक्टर की ओर बढ़े , उनके नीचे करीब 300 फीट की ऊंचाई पर स्कवाड्रन लीडर जॉनी ग्रीन के नेतृत्व में चार नेट्स उड़ रहे थे और उसके नीचे 100 फीट की ऊंचाई पर स्कवाड्रन लीड ट्रेवर किलर के नेतृत्व में चार नेट्स की दूसरी स्कवाड्रन उड़ रही थी।
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पाकिस्तान राडार ने अपने सैबर्स और स्टार फाइटरर्स को भारत के मिसटियर्स की ओर फरेक्टर किया। यह हमारी एक चाल थी, जिसमें पाक सैबर्स विमान फंस गए। अखनूर पहुंचने से 30 सेकेंड पहले हमारे मिसटियर्स विमानों ने नीचे डाइव किया और अपने बेस की ओर वापस लौटने लगे।
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तभी नीचे उड़ान भर रहे हमारे नेट्स 90 सेकेंड में राकेट्स की तरह 30 हजार फीट पर पहुंचे और एडवेंटेज पोजिशन से पाकिस्तानी सैबर्स जेट्स पर झपट पड़े।

सैबर्स बौखलाहट में बचने की कोशिश करते हुए हमारे नेट्स के पीछे आने का प्रयास कर रहे थे। स्कवाड्रन लीडर ट्रैवर किलर ने दायिनी ओर से एक सैबर्स को स्कवाड्रन लीडर जॉनी ग्रीन के पीछे आते देखा और वार्निंग कॉल दी। जॉनी ने फोरन हवा में ही ऑफेंसिव ब्रेक लिया, तभी किलर फुर्ती से उस सैबर्स के पीछे आ गए और 450 गज की दूरी से उस सैबर्स पर गोलियां दाग दी।

फिर एक्सलरेट करते हुए 200 गज और नजदीक आकर उसी सैबर्स पर फिर से गोलियों की एक और बौछार कर दी। सैबर्स में आग लग गई और वे क्षतिग्रस्त हो गया। तभी फ्यूल कम होने की वजह से हमारे नेट्स वापस लौट आए। ट्रैवल किलर पाक सैबर्स को मारने वाले भारतीय वायुसेना के पहले पॉयलट बने, जिसके लिए उन्हे वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

पठानियां ने मारा दूसरा सैबर्स
04 सितंबर 1965 को हमारे मिसटियर्स जहाज छम्ब बिजौरियां सेक्टर में पाकिस्तानी फौज पर लगातार हमले कर रहे थे। इनको टॉप कवर देने वाले नेट्स के पॉयलटस ने भारतीय फौज पर हमला करते हुए पाकिस्तान सैबर्स को देखा और उनकी तरफ झपटे। पाक सैबर्स जेट ने वहां से बच निकलने की कोशिश की।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट पठानियां ने एक सैबर्स को अखनूर ब्रिज की ओर जाते हुए देखा, तो उसके पीछे लग गए, लो लेवल ड्राप फाइट में पठानियां ने बड़ी होशियारी से उस सैबर्स को मार गिराया, यह नेट्स को दूसरा शिकार था, पठानियां को इसके लिए महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।
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