बदल रहा मौसम : समय से पहले आई गर्मी, बिगड़ सकता है रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन का समीकरण
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गेहूं की फसल के लिए फरवरी में दिन का तापमान 19 से 23 तक और रात का 7 से 10 डिग्री सेल्सियस तक होना चाहिए। इसी प्रकार, मार्च में अधिकतम 24 से 28 और न्यूनतम 10 से 12, अप्रैल में 30 से 34 और न्यूनतम 13 से 15 डिग्री सेल्सियस तापमान अनुकूल माना जाता है। 26 फरवरी से मौसम में बदलाव शुरू हो गया और न्यूनतम तापमान चार डिग्री तक बढ़कर 18 डिग्री तक पहुंच गया है। इसी प्रकार अधिकतम तापमान भी 30 के पार जा रहा है। बढ़ती गर्मी गेहूं की फसल के लिए खतरे की घंटी है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि इन दिनों में गेहूं के दाने में फुलाव आता है, लेकिन तापमान बढ़ने से यह समय से पहले पककर सिकुड़ सकता है। दूसरा, बढ़ते तापमान से गेहूं की फसल में अल्टनेरिया, सीफ ब्हाइट, स्पोकाइटा, लीफ स्पोट, ब्लैक हैड, ब्लैक प्लाइंट समेत अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में उत्पादन पर असर पड़ सकता है। गेहूं अनुसंधान संस्थान करनाल के निदेशक डा. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि कुछ दिन से गर्मी बढ़ी है, ऐसे में फिलहाल कोई खतरा नहीं है। लेकिन अगर गर्मी लगातार बढ़ती है तो जरूर कुछ असर हो सकता है। सोमवार से तापमान में कुछ कमी आई है।
- राज्य 2020-21 : 2019-20
- यूपी 99.4 : 99.4
- मध्य प्रदेश 87.98 : 78.68
- पंजाब 35.1 : 35.16
- राजस्थान 32.62 : 33.14
- हरियाणा 25.21 : 24.9
- देश 346.36 : 336.43 लाख हेक्टेयर
भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल इस बार देश में गेहूं के रिकॉर्ड 11.5 करोड़ टन गेहूं के उत्पादन की संभावना जता चुका है। जो पिछले साल से तकरीबन सात फीसदी ज्यादा होगा। इसके पीछे संस्थान का तर्क है कि इस बार बिजाई का रकबा अधिक है, साथ ही अब तक मौसम ठीक रहने से फसल अच्छी तैयार हुई है। तीसरा नई वैरायटी डीबीडब्ल्यू 187 की अधिक बिजाई हुई, जिसका उत्पादन अन्य वैरायटी से ज्यादा है।
फसल पर ट्रैक्टर चलाना भी प्रभावित कर सकता है लक्ष्य
तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों द्वारा गेहूं की तैयार फसल पर ट्रैक्टर चलाना भी उत्पादन के लक्ष्य को प्रभावित कर सकता है। विरोध स्वरूप हरियाणा के कई जिलों में किसान रोजाना फसल पर ट्रैक्टर चलाकर उसे नष्ट कर रहे हैं। इससे न केवल किसान का खुद का नुकसान है, बल्कि यह देश के भंडार में हरियाणा के लक्ष्य को कम कर सकता है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील है कि वे फसल को नष्ट न करें।
बढ़ता तापमान फसल के लिए ठीक नहीं : डॉ. बुंदेला
पिछले एक सप्ताह से अचानक से न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री तक बढ़ रहा है, जो गेहूं के लिए ठीक नहीं है। दूसरा यह स्थिर नहीं है, बल्कि लगातार बढ़ रहा है। अभी दस दिन तक तो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अगर ये लंबा चला तो फसल पर जरूर असर पड़ सकता है। इस बार जल्दी गर्मी आने के पीछे पश्चिमी विक्षोभ है। इसी के कारण दिक्कतें पैदा हो रही हैं। -डा. देवेंद्र बुंदेला, मौसम वैज्ञानिक, सीएसएसआरआई।