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बीमारियों के लिए लें मीठी गोली: होम्योपैथी से बिना साइड इफेक्ट हो रहा इलाज, बहुत हैं इस पद्धति के फायदे
Thu, 10 Apr 2025 03:28 PM IST
निवेदिता वर्मा
मोनिका नागर, संवाद, चंडीगढ़
मोनिका नागर, संवाद, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 10 Apr 2025 03:28 PM IST
सार
होम्योपैथी में बीमारी पर नहीं बल्कि मरीज के दिमाग पर काम किया जाता है, क्योंकि किसी भी बीमारी से ग्रस्त होने के बाद सबसे पहले मरीज का दिमाग प्रभावित होता है। इसके अलावा प्रतिरक्षा तंत्र पर काम किया जाता है, क्योंकि इसके कमजोर होने से लोग अधिकत्तर बीमारियों का शिकार होते हैं।
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- फोटो : istock
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विस्तार
होम्योपैथी में धीरे धीरे मरीजों का रुझान बढ़ रहा है। सेक्टर-26 के होम्योपैथिक मेडिकल कालेज और अस्पताल की प्रिंसिपल डॉ. अंशु ने कहा कि हौम्योपेथी से गंभीर बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। खास बात यह है कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
उनका मानना है कि होम्योपैथी में बीमारी पर नहीं बल्कि मरीज के दिमाग पर काम किया जाता है, क्योंकि किसी भी बीमारी से ग्रस्त होने के बाद सबसे पहले मरीज का दिमाग प्रभावित होता है। इसके अलावा प्रतिरक्षा तंत्र पर काम किया जाता है, क्योंकि इसके कमजोर होने से लोग अधिकत्तर बीमारियों का शिकार होते हैं। यहां अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 150 के करीब मरीज आ रहे हैं। वायरल के दिनों में यह संख्या 200 तक भी चली जाती है।
उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि होम्योपैथी केवल मीठी गोलियां हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। यह केवल मीठी गोलियां नहीं बल्कि एक नियमित इलाज है। गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, सोराइसिस, किडनी स्टोन, अस्थमा समेत अन्य में यह लाभकारी साबित हो रही हैं। इसमें मरीजा को दवाईयां भी बहुत कम मात्रा में दी जाती है। गर्भवस्था और बुजुर्गों के इलाज में भी होम्योपैथी के बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
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उनका मानना है कि होम्योपैथी में बीमारी पर नहीं बल्कि मरीज के दिमाग पर काम किया जाता है, क्योंकि किसी भी बीमारी से ग्रस्त होने के बाद सबसे पहले मरीज का दिमाग प्रभावित होता है। इसके अलावा प्रतिरक्षा तंत्र पर काम किया जाता है, क्योंकि इसके कमजोर होने से लोग अधिकत्तर बीमारियों का शिकार होते हैं। यहां अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 150 के करीब मरीज आ रहे हैं। वायरल के दिनों में यह संख्या 200 तक भी चली जाती है।
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उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि होम्योपैथी केवल मीठी गोलियां हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। यह केवल मीठी गोलियां नहीं बल्कि एक नियमित इलाज है। गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, सोराइसिस, किडनी स्टोन, अस्थमा समेत अन्य में यह लाभकारी साबित हो रही हैं। इसमें मरीजा को दवाईयां भी बहुत कम मात्रा में दी जाती है। गर्भवस्था और बुजुर्गों के इलाज में भी होम्योपैथी के बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
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