{"_id":"622a55c1b8fc4a41c51b877d","slug":"in-the-upcoming-session-children-of-government-schools-will-get-smart-education-chandigarh-news-pkl444340275","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगामी सत्र में सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगी स्मार्ट शिक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगामी सत्र में सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगी स्मार्ट शिक्षा
विज्ञापन
चंडीगढ़। आगामी सत्र में शहर के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने वाली है। स्कूलों में विद्यार्थियों को स्मार्ट शिक्षा देने की तैयारियां चल रही हैं। इसके लिए शिक्षा विभाग ने हर कक्षा में एक स्मार्ट क्लासरूम तैयार करने की योजना बनाई है। इसमें प्रोजेक्टर भी शामिल होगा, जिससे विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीक के साथ जोड़कर पढ़ाया जा सके।
वहीं हर सरकारी स्कूल में प्राथमिक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्ले-वे कक्षाएं तैयार की जा रही हैं, जहां छोटे बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी और पढ़ाई को बच्चों के लिए बोझिल के बजाय मजेदार बनाया जाएगा। विभाग ने पांच सरकारी स्कूलों में स्किल हब सेंटर बनाए हैं, जिससे जरूरतमंद और स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों को कौशल की शिक्षा दी जा सके। इन कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ट्राइसिटी के छात्र इसमें आवेदन कर सकते हैं।
इन पांच स्कूलों में बनाए गए हैं स्किल हब
जीएमएसएसएस-33 : आईटी और ऑटोमोबाइल
जीएमएसएसएस-40 : आईटी और रिटेल
जीएमएसएसएस-45 : आईटी और ऑटोमोबाइल
जीएमएसएसएस-10 : आईटी और फूड प्रोडेक्शन
जीएमएसएसएस-मनीमाजरा : आईटी और रिटेल
स्मार्ट सिटी के तहत तैयार हो रहे हैं स्मार्ट स्कूल
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के चार सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाया जा रहा है। इसमें सेक्टर-22ए का सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल, सेक्टर-35 सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल और गवर्नमेंट हाई स्कूल व सेक्टर-43 का हाईस्कूल शामिल है। इन स्कूलों की 90 कक्षाओं में 2720 छात्र और 2088 छात्राओं को लाभ मिलेगा। स्कूल में कंप्यूटर लैब, इंटेलिजेंट लाइटिंग सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, डिजिटल नोटिस बोर्ड, पढ़ने के लिए टेबलेट, सर्विलांस सिस्टम, विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम, खेल सुविधाएं, स्मार्ट प्रयोगशालाओं की सुविधा होगी। इसके साथ ही सीबीएसई पाठ्यक्रम के अलावा थ्रीडी मॉडल पर बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। यह प्रोजेक्ट भी आगामी सत्र में पूरा कर दिया जाएगा। इसमें अधिकांश काम पूरे हो चुके हैं, अभी स्कूलों में प्रयोगशालाओं को जीर्णोद्धार (रिनोवेट) कर स्मार्ट बनाया जा रहा है। इसके बाद स्कूल में खेल सुविधाओं के लिए मैदान का नवीनीकरण किया जाएगा और खेल उपकरण मुहैया करवाए जाएंगे।
विज्ञापन
नए सत्र में बच्चों को दी जाएगी स्मार्ट सुविधाएं
नए सत्र में प्ले-वे के लिए कक्षाएं तैयार की जा रही हैं। इसके साथ ही प्रत्येक स्कूल में एक कक्षा में स्मार्ट बोर्ड लगाया जाएगा। पांच स्कूलों में स्किल हब केंद्र लगभग बनकर तैयार हैं। विद्यार्थियों के कोरोना में हुए नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें आगामी सत्र शुरू होने से पहले ब्रिज कोर्स करवाया जाएगा, जिससे उनकी सीख का आकलन हो सके। प्राथमिक कक्षाओं (नर्सरी से पांचवीं) तक के बच्चों की नींव को मजबूत करने के लिए उन पर खास ध्यान दिया जाएगा। - प्रभजोत कौर, डीईओ
विज्ञापन
वहीं हर सरकारी स्कूल में प्राथमिक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्ले-वे कक्षाएं तैयार की जा रही हैं, जहां छोटे बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी और पढ़ाई को बच्चों के लिए बोझिल के बजाय मजेदार बनाया जाएगा। विभाग ने पांच सरकारी स्कूलों में स्किल हब सेंटर बनाए हैं, जिससे जरूरतमंद और स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों को कौशल की शिक्षा दी जा सके। इन कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ट्राइसिटी के छात्र इसमें आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन
इन पांच स्कूलों में बनाए गए हैं स्किल हब
जीएमएसएसएस-33 : आईटी और ऑटोमोबाइल
जीएमएसएसएस-40 : आईटी और रिटेल
जीएमएसएसएस-45 : आईटी और ऑटोमोबाइल
जीएमएसएसएस-10 : आईटी और फूड प्रोडेक्शन
जीएमएसएसएस-मनीमाजरा : आईटी और रिटेल
स्मार्ट सिटी के तहत तैयार हो रहे हैं स्मार्ट स्कूल
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के चार सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाया जा रहा है। इसमें सेक्टर-22ए का सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल, सेक्टर-35 सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल और गवर्नमेंट हाई स्कूल व सेक्टर-43 का हाईस्कूल शामिल है। इन स्कूलों की 90 कक्षाओं में 2720 छात्र और 2088 छात्राओं को लाभ मिलेगा। स्कूल में कंप्यूटर लैब, इंटेलिजेंट लाइटिंग सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, डिजिटल नोटिस बोर्ड, पढ़ने के लिए टेबलेट, सर्विलांस सिस्टम, विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम, खेल सुविधाएं, स्मार्ट प्रयोगशालाओं की सुविधा होगी। इसके साथ ही सीबीएसई पाठ्यक्रम के अलावा थ्रीडी मॉडल पर बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। यह प्रोजेक्ट भी आगामी सत्र में पूरा कर दिया जाएगा। इसमें अधिकांश काम पूरे हो चुके हैं, अभी स्कूलों में प्रयोगशालाओं को जीर्णोद्धार (रिनोवेट) कर स्मार्ट बनाया जा रहा है। इसके बाद स्कूल में खेल सुविधाओं के लिए मैदान का नवीनीकरण किया जाएगा और खेल उपकरण मुहैया करवाए जाएंगे।
विज्ञापन
नए सत्र में बच्चों को दी जाएगी स्मार्ट सुविधाएं
नए सत्र में प्ले-वे के लिए कक्षाएं तैयार की जा रही हैं। इसके साथ ही प्रत्येक स्कूल में एक कक्षा में स्मार्ट बोर्ड लगाया जाएगा। पांच स्कूलों में स्किल हब केंद्र लगभग बनकर तैयार हैं। विद्यार्थियों के कोरोना में हुए नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें आगामी सत्र शुरू होने से पहले ब्रिज कोर्स करवाया जाएगा, जिससे उनकी सीख का आकलन हो सके। प्राथमिक कक्षाओं (नर्सरी से पांचवीं) तक के बच्चों की नींव को मजबूत करने के लिए उन पर खास ध्यान दिया जाएगा। - प्रभजोत कौर, डीईओ