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Chandigarh News: राज्य में तीन साल में दूध व उससे बने उत्पादों के 18% सैंपल फेल

Wed, 07 Aug 2024 08:22 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2024 08:22 PM IST
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In the state, 18% samples of milk and its products failed in three years
-वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक लिए गए 20988 सैंपल, 3712 नहीं हुए पास
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-हरियाणा व हिमाचल प्रदेश में भी हालात खराब, एफएसएसएआई की रिपोर्ट
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राजिंद्र शर्मा
चंडीगढ़। पंजाब में दूध व उससे बने उत्पाद आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं, क्योंकि इनमें बड़े स्तर पर मिलावट हो रही है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन साल में दूध, दूध से बने उत्पाद व अन्य खाद्य उत्पादों के 18 प्रतिशत सैंपल फेल पाए गए हैं। पिछले तीन साल में कुल 20988 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 3712 पास नहीं हो सके।
इसी तरह अगर वर्ष 2023-24 के रिकाॅर्ड की बात की जाए, तो इसी वर्ष 6041 सैंपल लिए गए, जिसमें से 929 यानी 15 प्रतिशत से ऊपर सैंपल फेल मिले हैं। अगर वर्ष 2022-23 की बात की जाए, तो उस वर्ष सबसे अधिक 8179 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 1724 सैंपल फेल पाए गए थे। वर्ष 2021-22 में 6768 सैंपल प्राप्त किए गए थे और उस वर्ष इनमें से 1059 सैंपल फेल हुए थे।
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स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल की तरफ से राज्यसभा में इस संबंध में जानकारी दी गई है। इस दौरान कई मामलों में सिविल यानी जुर्माना व आपराधिक कार्रवाई भी की गई है। अकेले पंजाब में ही वर्ष 2023-24 में 76 आपराधिक मामले, वर्ष 2022-23 में 65 और वर्ष 2021-22 में 63 आपराधिक मामले दर्ज करवाए गए। साथ ही कई मामलों में जुर्माना भी लगाया गया। एफएसएसएआई का गठन खाद्य पदार्थों के लिए विज्ञान आधारित मानक निर्धारित करने और मानव उपभोग के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उनके निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात को विनियमित करने के लिए किया गया है। यही कारण है कि समय-समय पर अथॉरिटी की तरफ से खाद्य उत्पादों के सैंपल लिए जाते हैं और उनकी गुणवत्ता चेक की जाती है।
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बाकी राज्यों में भी स्थिति खराब
पंजाब के साथ ही बाकी राज्यों में भी स्थिति खराब है। हालांकि कुछ राज्यों में हालात प्रदेश के मुकाबले थोड़े बेहतर भी हैं। अगर हरियाणा की बात की तो पिछले तीन साल में कुल 12165 सैंपल लिए गए, जिसमें से 3463 फेल पाए गए, जो 28 प्रतिशत है। अगर हिमाचल प्रदेश की बात की जाए तो 6082 सैंपल लिए गए और 1433 सैंपल फेल पाए गए, जो 23 फीसदी है। दूध के पैकेट, उससे बने उत्पाद, मिठाई व इसके अलावा बिस्कुट, नमकीन व अन्य खाद्य उत्पादों में मिलावट चेक करने के लिए ही ये सैंपल लिए जाते हैं। पूरे पंजाब में करीब 3 करोड़ लीटर दूध का उत्पादन रोजाना होता है, जिसमें से करीब 1.5 करोड़ लीटर के करीब दूध मार्केट में बिकने के लिए आता है। प्रदेश में दूध की डिमांड इससे भी अधिक है, जबकि त्योहारी सीजन में ये मांग दोगुनी हो जाती है।
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