फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   in Night shift duty risk of Insomnia

नाइट शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं तो यह ख्ाबर जरूर पढ़ें

Tue, 04 Feb 2014 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला Updated Tue, 04 Feb 2014 01:15 AM IST
विज्ञापन
in Night shift duty risk of Insomnia
नाइट शिफ्ट में ड्यूटी करने वालों में इंसोम्निया (स्लीपिंग डिसआर्डर) का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इनमें आईटी सेक्टर, कॉल सेंटर, पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों की तादात सबसे ज्यादा होती है।
विज्ञापन


लंबे समय से इंसोम्निया की शिकायत के बावजूद लापरवाही बरतने पर डिप्रेशन और एनजाइटी जैसी मानसिक बीमारी भी हो सकती है।

सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में इंसोमिभनया बीमारी से पीड़ित रोजाना करीब 15 मरीज पहुंचते हैं, जिनमें करीब 10 की तादात नाइट ड्यूटी करने वालों की है।

मनोरोग विशेषज्ञ के अनुसार, स्लीप अवेक साइकल डिस्टर्ब होने की वजह से लोग इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। क्योंकि नाइट ड्यूटी करने वाले रात को सो नहीं पाते हैं और दिन में सही तरीके से नींद पूरी नहीं होती है।
विज्ञापन


स्वस्थ शरीर और स्वस्थ दिमाग के लिए 6-8 घंटे की सही तरीके से नींद जरूरी है। कुल मिलाकर आबादी का एक तिहाई वर्ग इंसोम्निया बीमारी का शिकार है। इनमें बुजुर्ग भी हैं और युवा भी।
विज्ञापन
विज्ञापन


लक्षण      
बहुत देरी से नींद आना

सुबह जल्दी नींद खुल जाना

रातभर रुक-रुककर नींद आना

रात भर सोने के बावजूद सुबह फ्रे श फील नहीं करना

ये भी हो सकते हैं कारण
प्रोस्टेट की शिकायत होना

सोते समय बार-बार पेशाब आना

कई दवा के साइड इफेक्ट, जो अधिकतर सुबह के समय ली जाती है

बचाव
सोने और जागने का एक समय निर्धारित करें

दोपहर को 30 मिनट से अधिक न सोएं

सोने से कम से कम 4-6 घंटे पहले चाय, काफी, कोल्ड ड्रिंक और चॉकलेट युक्त पेय पदार्थ का सेवन न करें

सोने से पहले हल्का खाना खाएं

सोने से कम से कम छह घंटे पहले तला-भुना, अधिक मसालेदार या शक्कर युक्त भोजन न करें

शराब और नशीली पदार्थों का सेवन न करें

(यदि इंसोम्निया बीमारी से ग्रसित व्यक्ति इनका पालन करता है तो उसकी 80 प्रतिशत बीमारी स्वत: ठीक हो सकती है) 

सोने से पहले तनाव मुक्त हो जाएं    
सोने से पहले योग और गहरी सांस लेने जैसे व्यायाम करने से खुद को तनाव मुक्त बनाएं

सोने से पहले अधिक परिश्रम वाले व्यायाम न करें

किसी चिंता के साथ या सोच-विचार करते न सोएं

गर्म दूध पीकर सोएं तो अच्छी नींद आएगी

लेटते समय कोई अच्छी पुस्तक पढ़ें, अच्छी नींद आएगी

अच्छी नींद में यह भी मददगार
आरामदायक बिस्तर

कमरे में वेंटिलेशन हो

नींद में खलल डालने वाली आवाज न हो

(यदि फिर भी नींद में कोई दिक्कत है तो मनोरोग विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही दवा लें)



विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed