बंत सिंह मामले में आप में घमासान, कई नेताओं ने पार्टी को कहा अलविदा
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आप में शामिल किए गए कांग्रेसी नेता नवदीप सिंह अप्पी व हरपिंदर सिंह हनी को बंत सिंह झब्बर कांड का आरोपी बताकर निकाले जाने के बाद हलके में हलचल शुरू हो गई है।
कुछ दिन पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी बंत सिंह झब्बर से माफी मांगी थी। अब दोनों युवक बारे में स्पष्टीकरण देते हुए बंत सिंह से मारपीट और उनकी बेटी से रेप की घटना से इंकार कर रहे हैं।
इसके बाद गांव झब्बर की आप इकाई के कई नेता अप्पी के हक में उतर आए हैं। उन्होंने आप को अलविदा कह दिया है। वीरवार को गांव झब्बर में आप नेता व वर्कर कुलदीप सिंह, मनप्रीत सिंह, बिंदर सिंह, गुरसेवक सिंह, गगनदीप सिंह, गुरमीत सिंह, प्रगट सिंह, अरविंदर सिंह ने कहा कि रेप की घटना में दोनों युवाओं का कोई हाथ नहीं है।
आम आदमी पार्टी से निकाले गए नवदीप अप्पी के हक में उमड़े आप समर्थक
नवदीप अप्पी ने बताया कि दुराचार की घटना गांव में वर्ष 2002 में घटी जबकि उन की ओर से मारपीट किए जाने का मामला वर्ष 2006 में हुआ। उन्होंने बताया कि रेप मामले में अन्य व्यक्तियों का नाम शामिल है जो सजा काट चुके हैं।
उन्होंने जो मारपीट की थी वह मामूली थी। बंत सिंह झब्बर की टांग और बाजू उस समय डॉक्टरों की इलाज में बरती गई लापरवाही के कारण काटी गई। मामले में एक डाक्टर को मुअत्तल भी किया गया था।
उन्होंने कहा कि सच जाने बिना ही उनको पार्टी से निकाल दिया गया। उन्होंने कहा कि बंत सिंह झब्बर मामले में पार्टी नेताओं को अवगत करवा दिया गया था लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। भारी एकत्रता में गांव वासियों, महिलाओं ने आप को अलविदा कहकर पार्टी को सबक सिखाने का एलान किया है।