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Punjab: गैर कानूनी ढंग से हाउसिंग प्रोजेक्ट पास करने में तेज हुई जांच, विजिलेंस के रडार पर आए 22 अफसर
Tue, 27 Feb 2024 01:15 PM IST
निवेदिता वर्मा
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 27 Feb 2024 01:15 PM IST
सार
विभागीय सूत्रों के मुताबिक मामले में गिरफ्तार बर्खास्त चीफ टाउन प्लानर पंकज बावा ने पूछताछ में इन अफसरों के नाम उगले हैं। विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि गैर कानूनी ढंग से हाउसिंग प्रोजेक्ट पास किए जाने की एवज में बाजवा डेवलपर लिमिटेड के मालिक जरनैल सिंह बाजवा से कई हाउसिंग और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट में शेयर खरीदे हैं।
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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गैर कानूनी ढंग से 179 एकड़ पर बसे हाउसिंग प्रोजेक्ट को पास करने के मामले में विजिलेंस के उच्च अधिकारियों ने बड़ा खुलासा किया है। विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया अभी तक इस केस में गमाडा, पुडा और पंजाब टाउन प्लानिंग विभाग के 22 अफसरों की भूमिका सामने आई है।
विजिलेंस ने सोमवार को मामले में नामजद पटवारी लेख राज के नाम पर भी नोटिस जारी कर दिया है। मामले का खुलासा होने के बाद से आरोपी पटवारी फरार है, जल्द ही विजिलेंस पटवारी की गिरफ्तारी करेगी। विजिलेंस ने गमाडा, पुडा और पंजाब टाउन प्लानिंग से इस 179 एकड़ के जमीन से जुड़ा रिकॉर्ड भी तलब किया है। सीएम भगवंत मान के निर्देश पर मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने सर्वप्रथम इस मामले में कार्रवाई की थी। विजिलेंस के अफसरों की मानें तो सीएम ने खुद इस केस में दोषी अफसरों और बिना मंजूरी बड़े-बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने वाले बिल्डरों के खिलाफ शिकंजा कसने के आदेश दिए हैं।
अफसरों की भूमिका की होगी जांच
जांच में सामने गमाडा, पुडा और टाउन प्लानिंग विभाग के इन 22 अफसरों की भूमिका की जांच जाएगी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक मामले में गिरफ्तार बर्खास्त चीफ टाउन प्लानर पंकज बावा ने पूछताछ में इन अफसरों के नाम उगले हैं। विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि गैर कानूनी ढंग से हाउसिंग प्रोजेक्ट पास किए जाने की एवज में बाजवा डेवलपर लिमिटेड के मालिक जरनैल सिंह बाजवा से कई हाउसिंग और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट में शेयर खरीदे हैं। मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और खरड़ में इन हाउसिंग और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट में अब आरोपी पंकज बावा के शेयर (संपत्ति) खरीदने को लेकर विजिलेंस सबूत खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस की टीम ने सोमवार आरोपी के घर में जाकर छानबीन की।
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यह है पूरा मामला
बाजवा डेवलपर लिमिटेड ने मोहाली जिले के अंतर्गत आने वाले गांव सिंहपुर, हसनपुर और जंडपुर की 179 एकड़ जमीन में राज्य सरकार से रिहायशी और व्यापारिक प्रोजेक्ट पास कराया था। कमेटी की तरफ से 22 मार्च 2013 को लिए गए फैसले के अनुसार बाजवा प्रोमोटर ने कैंसर राहत फंड के तौर पर प्रोजेक्ट की लागत का एक फीसदी या अधिकतम एक करोड़ रुपये सरकार के पास जमा नहीं करवाए। इस संबंध में पुडा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नियमों अनुसार बाजवा डेवलपर के विरुद्ध कोई कार्रवाई भी नहीं की।
इसके अलावा बाजवा डेवलपर लिमिटेड ने सेक्टर 120, 123, 124 और 125 में सन्नी एनक्लेव, गांव जंडपुर, सिंहपुर, हसनपुर में रिहायशी मेगा प्रोजेक्ट का लेआउट प्लान भी मंजूर करवा लिया था। इसमें 9.09 एकड़ में आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए रिहायशी योजना भी मंजूर करवाई गई थी। इस क्षेत्रफल में से गांव हसनपुर का 4 कनाल 17.1/10 मरले और गांव सिंहपुर का 57 कनाल 0.1/2 मरले क्षेत्रफल गमाडा के नाम पर रजिस्टर्ड करवा दिया, लेकिन बाजवा डेवलपर लिमिटेड की तरफ से 1.32 एकड़ क्षेत्रफल की रजिस्टरी अभी भी गमाडा के नाम पर नहीं करवाई गई। आरोपी जरनैल सिंह बाजवा ने वर्ष 2014 और 2015 में गमाडा के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सेक्टर-123 के मेगा प्रोजेक्ट का बिना नक्शा पास करवाए करीब 78 कॉमर्शियल बूथों का निर्माण करवा डाला।
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विजिलेंस ने सोमवार को मामले में नामजद पटवारी लेख राज के नाम पर भी नोटिस जारी कर दिया है। मामले का खुलासा होने के बाद से आरोपी पटवारी फरार है, जल्द ही विजिलेंस पटवारी की गिरफ्तारी करेगी। विजिलेंस ने गमाडा, पुडा और पंजाब टाउन प्लानिंग से इस 179 एकड़ के जमीन से जुड़ा रिकॉर्ड भी तलब किया है। सीएम भगवंत मान के निर्देश पर मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने सर्वप्रथम इस मामले में कार्रवाई की थी। विजिलेंस के अफसरों की मानें तो सीएम ने खुद इस केस में दोषी अफसरों और बिना मंजूरी बड़े-बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने वाले बिल्डरों के खिलाफ शिकंजा कसने के आदेश दिए हैं।
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अफसरों की भूमिका की होगी जांच
जांच में सामने गमाडा, पुडा और टाउन प्लानिंग विभाग के इन 22 अफसरों की भूमिका की जांच जाएगी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक मामले में गिरफ्तार बर्खास्त चीफ टाउन प्लानर पंकज बावा ने पूछताछ में इन अफसरों के नाम उगले हैं। विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि गैर कानूनी ढंग से हाउसिंग प्रोजेक्ट पास किए जाने की एवज में बाजवा डेवलपर लिमिटेड के मालिक जरनैल सिंह बाजवा से कई हाउसिंग और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट में शेयर खरीदे हैं। मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और खरड़ में इन हाउसिंग और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट में अब आरोपी पंकज बावा के शेयर (संपत्ति) खरीदने को लेकर विजिलेंस सबूत खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस की टीम ने सोमवार आरोपी के घर में जाकर छानबीन की।
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यह है पूरा मामला
बाजवा डेवलपर लिमिटेड ने मोहाली जिले के अंतर्गत आने वाले गांव सिंहपुर, हसनपुर और जंडपुर की 179 एकड़ जमीन में राज्य सरकार से रिहायशी और व्यापारिक प्रोजेक्ट पास कराया था। कमेटी की तरफ से 22 मार्च 2013 को लिए गए फैसले के अनुसार बाजवा प्रोमोटर ने कैंसर राहत फंड के तौर पर प्रोजेक्ट की लागत का एक फीसदी या अधिकतम एक करोड़ रुपये सरकार के पास जमा नहीं करवाए। इस संबंध में पुडा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नियमों अनुसार बाजवा डेवलपर के विरुद्ध कोई कार्रवाई भी नहीं की।
इसके अलावा बाजवा डेवलपर लिमिटेड ने सेक्टर 120, 123, 124 और 125 में सन्नी एनक्लेव, गांव जंडपुर, सिंहपुर, हसनपुर में रिहायशी मेगा प्रोजेक्ट का लेआउट प्लान भी मंजूर करवा लिया था। इसमें 9.09 एकड़ में आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए रिहायशी योजना भी मंजूर करवाई गई थी। इस क्षेत्रफल में से गांव हसनपुर का 4 कनाल 17.1/10 मरले और गांव सिंहपुर का 57 कनाल 0.1/2 मरले क्षेत्रफल गमाडा के नाम पर रजिस्टर्ड करवा दिया, लेकिन बाजवा डेवलपर लिमिटेड की तरफ से 1.32 एकड़ क्षेत्रफल की रजिस्टरी अभी भी गमाडा के नाम पर नहीं करवाई गई। आरोपी जरनैल सिंह बाजवा ने वर्ष 2014 और 2015 में गमाडा के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सेक्टर-123 के मेगा प्रोजेक्ट का बिना नक्शा पास करवाए करीब 78 कॉमर्शियल बूथों का निर्माण करवा डाला।