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नपुंसक बनाने के मामले में डेरा प्रमुख को राहत नहीं

Thu, 09 Jul 2015 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 09 Jul 2015 01:23 AM IST
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impotent case: not relief to ram rahim from court

डेरा सच्चा सौदा में साधुओं को नपुंसक बनाए जाने के आरोपों की सीबीआई जांच पर रोक लगाने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने साफ इनकार कर दिया है। डेरा प्रमुख राम रहीम के वकील को मामले में बहस करने का निर्देश देते हुए जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस पीबी बजंतरी की डिवीजन बेंच ने सुनवाई 13 अक्तूबर तक स्थगित कर दी है।

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रामरहीम के वकील एसके गर्ग नरवाना ने पैरवी करते हुए कहा कि यदि कोई नपुंसक बनने की सहमती देता है, तो इसमें कोई अपराध नहीं बनता। न ही यह मानवाधिकार का हनन है। नरवाना ने डिवीजन बेंच में अपील की सुनवाई तक जांच पर रोक लगाने की मांग की।
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उधर, सीबीआई के वकील सुखदीप सिंह संधू ने कहा कि जांच जारी है। उन्होंने स्थिति रिपोर्ट भी पेश की। बेंच ने स्थिति रिपोर्ट सीबीआई को लौटा दी। साथ ही साफ कर दिया कि रोक नहीं लगाई जा सकती और जांच जारी रहेगी। राम रहीम के वकील से कहा गया कि वह अगली सुनवाई पर मामले में तथ्यों के आधार पर बहस करें।
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डेरे से जुड़े रहे हंसराज चौहान ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि डेरा प्रमुख साधुओं के नपुंसक बनने पर उन्हें भगवान से मिलाने का की बात करते थे। इस तरह अनेक साधुओं को नपुंसक बनाया गया।


हाईकोर्ट की एकल बेंच ने हरियाणा सरकार को दो बार जांच का मौका दिया गया था, लेकिन जांच नहीं कर पाने के कारण ही एकल बेंच ने जांच सीबीआई के हवाले की थी। एकल बेंच के इसी फैसले को अपील के माध्यम से डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी।

पहली सुनवाई पर ही एक्टिंग चीफ जस्टिस एसजे वजीफदार की डिवीजन बेंच ने सीबीआई जांच का आदेश रद्द करने से इनकार कर दिया था।

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