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पीयू अग्निकांड: 'एडमिन ब्लॉक गिराने की जरूरत नहीं, रिपेयर हो सकती है'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 20 May 2017 12:36 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक में आग
- फोटो : File Photo
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पंजाब यूनिवर्सिटी के एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक में हाल ही में लगी आग के कारणों की जांच करने के लिए शुक्रवार को आईआईटी रुड़की से टीम आई। सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एक्सपर्ट उमेश शर्मा की अगुवाई में आई टीम ने पहले पीयू प्रबंधन से बैठक करके तथ्य जाने और उसके बाद प्रभावित क्षेत्र की जांच की।
एक्सपर्ट्स ने प्राथमिक जांच में बिल्डिंग को पूरी तरह से सेफ करार दिया। साथ ही कुछ रिपेयर के सुझाव दिए। हालांकि आग के बाद फर्श पर कितना असर पड़ा, इसके लिए टीम ने सैंपल ले लिए। साथ ही जल चुके सामान के सैंपल लेकर टीम लैबोरेटरी में जांच करने के लिए रवाना हो गई। एक्सपर्ट्स ने कहा कि इमारत को गिराकर नई बनाने की जरूरत नहीं है। रिपेयर से सब कुछ नार्मल हो सकता है।
अब अगला फैसला पीयू प्रबंधन को लेना है कि कब तक रेनोवेशन का काम शुरू होगा? क्योंकि जांच में लगी तीनों कमेटियां अपनी-अपनी जरूरत के हिसाब से सैंपल ले चुकी हैं।
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गत रविवार को लगी आग बुझने के बाद से ही पीयू प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्र को सील किया हुआ था। आग के कारणों को जानने के लिए सीएफएसल भी जांच कर रही है, लेकिन अभी तक ठोस नतीजे नहीं आए। हालांकि सीएफएसएल ने भी अपनी प्राथमिक रिपोर्ट में कहा था कि कुछ दरारें आई हैं, जिन्हें रिपेयर से दुरुस्त किया जा सकता है।
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एक्सपर्ट्स ने प्राथमिक जांच में बिल्डिंग को पूरी तरह से सेफ करार दिया। साथ ही कुछ रिपेयर के सुझाव दिए। हालांकि आग के बाद फर्श पर कितना असर पड़ा, इसके लिए टीम ने सैंपल ले लिए। साथ ही जल चुके सामान के सैंपल लेकर टीम लैबोरेटरी में जांच करने के लिए रवाना हो गई। एक्सपर्ट्स ने कहा कि इमारत को गिराकर नई बनाने की जरूरत नहीं है। रिपेयर से सब कुछ नार्मल हो सकता है।
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अब अगला फैसला पीयू प्रबंधन को लेना है कि कब तक रेनोवेशन का काम शुरू होगा? क्योंकि जांच में लगी तीनों कमेटियां अपनी-अपनी जरूरत के हिसाब से सैंपल ले चुकी हैं।
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गत रविवार को लगी आग बुझने के बाद से ही पीयू प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्र को सील किया हुआ था। आग के कारणों को जानने के लिए सीएफएसल भी जांच कर रही है, लेकिन अभी तक ठोस नतीजे नहीं आए। हालांकि सीएफएसएल ने भी अपनी प्राथमिक रिपोर्ट में कहा था कि कुछ दरारें आई हैं, जिन्हें रिपेयर से दुरुस्त किया जा सकता है।