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चार आरोपियों की असहमति पर आईजी जैदी की याचिका खारिज
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चंडीगढ़। गुड़िया मर्डर केस के आरोपी सूरज की पुलिस हिरासत में मौत मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने निलंबित आईजी जहूर जैदी की याचिका को खारिज कर दिया है। दरअसल, 29 अक्तूबर को जैदी ने शारीरिक सुनवाई शुरू करने के लिए सीबीआई अदालत में आवेदन दायर किया था। इसके बाद अदालत ने सीबीआई समेत मामले के चार आरोपियों को जवाब दायर करने के लिए नोटिस जारी किया था।
नोटिस का जवाब देते हुए सीबीआई ने शारीरिक सुनवाई पर सहमति जताई थी लेकिन आरोपी मनोज जोशी, सूरत सिंह, मोहन लाल समेत चार आरोपियों ने अपने-अपने अलग कारण देते हुए शारीरिक सुनवाई में शामिल होने से मना कर दिया था। इसके बाद अदालत ने आईजी जहूर जैदी की याचिका को खारिज कर दिया। जैदी ने याचिका में कहा था कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए 24 जनवरी को तारीख रखी गई थी। 9 महीने से अभी तक गवाहों का एग्जामिनेशन भी नहीं हो पाया है। तीन गवाहों को एग्जामिनेशन के लिए 17 मार्च और दो गवाहों को 18 मार्च को समन किए गए थे लेकिन इनका एग्जामिनेशन नहीं हो पाया। अब मामले की सुनवाई 3 दिसंबर को होगी।
क्या है मामला
जुलाई 2017 में शिमला स्थित कोटखाई के एक स्कूल की स्टूडेंट लापता हो गई थी। दो दिन बाद जंगल से उसकी लाश बरामद हुई थी। एसआईटी ने स्थानीय पांच मजदूरों को गिरफ्तार किया। इनमें सूरज नाम का एक नेपाली युवक भी था। कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 को सूरज की मौत हो गई। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से ही सूरज की मौत हुई थी। इस केस में सीबीआई ने आईजी जहूर एच जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी, ठयोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल्स सूरत सिंह, मोहन लाल, रफिक अली और कांस्टेबल रंजीत को आरोपी बनाया था।
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नोटिस का जवाब देते हुए सीबीआई ने शारीरिक सुनवाई पर सहमति जताई थी लेकिन आरोपी मनोज जोशी, सूरत सिंह, मोहन लाल समेत चार आरोपियों ने अपने-अपने अलग कारण देते हुए शारीरिक सुनवाई में शामिल होने से मना कर दिया था। इसके बाद अदालत ने आईजी जहूर जैदी की याचिका को खारिज कर दिया। जैदी ने याचिका में कहा था कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए 24 जनवरी को तारीख रखी गई थी। 9 महीने से अभी तक गवाहों का एग्जामिनेशन भी नहीं हो पाया है। तीन गवाहों को एग्जामिनेशन के लिए 17 मार्च और दो गवाहों को 18 मार्च को समन किए गए थे लेकिन इनका एग्जामिनेशन नहीं हो पाया। अब मामले की सुनवाई 3 दिसंबर को होगी।
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क्या है मामला
जुलाई 2017 में शिमला स्थित कोटखाई के एक स्कूल की स्टूडेंट लापता हो गई थी। दो दिन बाद जंगल से उसकी लाश बरामद हुई थी। एसआईटी ने स्थानीय पांच मजदूरों को गिरफ्तार किया। इनमें सूरज नाम का एक नेपाली युवक भी था। कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 को सूरज की मौत हो गई। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से ही सूरज की मौत हुई थी। इस केस में सीबीआई ने आईजी जहूर एच जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी, ठयोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल्स सूरत सिंह, मोहन लाल, रफिक अली और कांस्टेबल रंजीत को आरोपी बनाया था।
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