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फरमानः पालतू कुत्ते ने चंडीगढ़ में खुले में शौच किया तो लगेगा जुर्माना, रजिस्ट्रेशन का नया नियम
Fri, 03 Jul 2020 12:14 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2020 12:14 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
यूटी प्रशासन ने वीरवार को नगर निगम के संशोधित डॉग बायलॉज-2010 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ अब पेट डॉग रजिस्ट्रेशन फीस भी बढ़ा दी गई है। रजिस्ट्रेशन फीस अब 200 की जगह 500 रुपये देने होंगे। इसके अलावा पेट डॉग को खुले में शौच करवाने पर मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा।
नगर निगम सदन ने 2018 में यह प्रस्ताव पास किया था, लेकिन अब जाकर यह शहर में लागू होगा। शहर में अधिकतर लोग अपने डॉग को पार्क और सड़कों के किनारे ही घुमाते हैं। डॉग को घुमाने के समय ही वह शौच करते हैं। इससे शहर में गंदगी फैलती है। शहर में अब यदि कोई डॉग को खुले में कहीं भी शौच करवाते पकड़ा गया तो 5500 रुपये जुर्माना लगेगा।
जुर्माना नहीं भरने पर पानी के बिल में जोड़कर इसे भेज दिया जाएगा। जुर्माने की राशि नगर निगम वसूल करेगा। पहले यह मार्च में लागू होना था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से इसे कुछ समय के लिए टाल दिया गया था।
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नियमों के अनुसार डॉग को सुखना लेक, रोज गार्डन, शांतिकुंज, रॉक गार्डन, लेजर वैली व अन्य इसी तरह के गार्डन में लेकर नहीं जा सकते हैं। ऑनर की ओर से अपने डॉग को पूरे कंट्रोल में रखा जाएगा, ताकि ये किसी को नुकसान न पहुंचाएं। अगर ऐसा होता है तो पीड़ित को मुआवजा देने की पूरी जिम्मेदारी मालिक की होगी। इसके अलावा प्रशासन ने कॉर्मिशयल पर्पज के लिए डॉग ब्रीडिंग और ट्रेड पर भी रोक लगा रखी है।
रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर 5000 रुपये जुर्माना
नए डॉग बायलॉज में डॉग का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर फाइन को 500 से बढ़ाकर सीधे 5 हजार कर दिया गया है। इसके बाद भी अगर कोई ऐसा नहीं करता तो प्रतिदिन 200 रुपये अलग से चुकाने होंगे। पहले यह 20 रुपये थे। इसके बाद भी किसी ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो डॉग को निगम की टीम अपने पास रखेगी।
इसके साथ ही ऑनर से इसके बदले प्रतिदिन 1000 रुपये मेंटीनेंस चार्जेस वसूल किए जाएंगे। पहले मेंटीनेंस चार्जेस 100 रुपये प्रतिदिन था। सात दिनों तक मालिक डॉग को नहीं ले जाता तो इसे ओपन सेल में बेच दिया जाएगा। गौरतलब है कि चंडीगढ़ में इस समय 10 हजार से अधिक पेट डॉग्स हैं और लगभग हर साल एक हजार नए डॉग्स का रजिस्ट्रेशन होता है।
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नगर निगम सदन ने 2018 में यह प्रस्ताव पास किया था, लेकिन अब जाकर यह शहर में लागू होगा। शहर में अधिकतर लोग अपने डॉग को पार्क और सड़कों के किनारे ही घुमाते हैं। डॉग को घुमाने के समय ही वह शौच करते हैं। इससे शहर में गंदगी फैलती है। शहर में अब यदि कोई डॉग को खुले में कहीं भी शौच करवाते पकड़ा गया तो 5500 रुपये जुर्माना लगेगा।
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जुर्माना नहीं भरने पर पानी के बिल में जोड़कर इसे भेज दिया जाएगा। जुर्माने की राशि नगर निगम वसूल करेगा। पहले यह मार्च में लागू होना था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से इसे कुछ समय के लिए टाल दिया गया था।
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नियमों के अनुसार डॉग को सुखना लेक, रोज गार्डन, शांतिकुंज, रॉक गार्डन, लेजर वैली व अन्य इसी तरह के गार्डन में लेकर नहीं जा सकते हैं। ऑनर की ओर से अपने डॉग को पूरे कंट्रोल में रखा जाएगा, ताकि ये किसी को नुकसान न पहुंचाएं। अगर ऐसा होता है तो पीड़ित को मुआवजा देने की पूरी जिम्मेदारी मालिक की होगी। इसके अलावा प्रशासन ने कॉर्मिशयल पर्पज के लिए डॉग ब्रीडिंग और ट्रेड पर भी रोक लगा रखी है।
रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर 5000 रुपये जुर्माना
नए डॉग बायलॉज में डॉग का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर फाइन को 500 से बढ़ाकर सीधे 5 हजार कर दिया गया है। इसके बाद भी अगर कोई ऐसा नहीं करता तो प्रतिदिन 200 रुपये अलग से चुकाने होंगे। पहले यह 20 रुपये थे। इसके बाद भी किसी ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो डॉग को निगम की टीम अपने पास रखेगी।
इसके साथ ही ऑनर से इसके बदले प्रतिदिन 1000 रुपये मेंटीनेंस चार्जेस वसूल किए जाएंगे। पहले मेंटीनेंस चार्जेस 100 रुपये प्रतिदिन था। सात दिनों तक मालिक डॉग को नहीं ले जाता तो इसे ओपन सेल में बेच दिया जाएगा। गौरतलब है कि चंडीगढ़ में इस समय 10 हजार से अधिक पेट डॉग्स हैं और लगभग हर साल एक हजार नए डॉग्स का रजिस्ट्रेशन होता है।