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Hindi News ›   Chandigarh ›   If marriage is broken then not giving divorce is disastrous for husband and wife says HC

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की टिप्पणी: अगर विवाह टूट चुका है तो तलाक न देना पति-पत्नी के लिए विनाशकारी

Mon, 10 Jan 2022 07:57 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 10 Jan 2022 07:57 PM IST
सार

गुरुग्राम निवासी दंपती की तलाक से जुड़ी याचिका को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया और कोर्ट ने कहा कि अगर विवाह टूट चुका है तो तलाक न देना पति-पत्नी के लिए विनाशकारी होगा।

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If marriage is broken then not giving divorce is disastrous for husband and wife says HC
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तलाक से जुड़े एक मामले में दंपती को तलाक की मंजूरी देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि यदि विवाह टूट चुका है तो तलाक न देना दोनों पक्षों के लिए विनाशकारी होगा। गुरुग्राम निवासी पति ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए तलाक की मांग की थी। याची ने बताया कि गुरुग्राम की फैमिली कोर्ट ने उसकी तलाक से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया था।

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सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि याची 2003 से अपनी पत्नी से अलग रह रहा है और दोनों के बीच कोई संबंध नहीं है। यह विवाह पूरी तरह से टूट चुका है और ऐसे में इनके दोबारा साथ रहने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में तलाक न देना दोनों पक्षों के लिए विनाशकारी होगा। 
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हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में पति गुजारा भत्ता देकर आगे बढ़ना चाहता है लेकिन पत्नी उसे ऐसा नहीं करने देना चाहती। ऐसे में कोर्ट के फैसले से विवाह को पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता। शादी में मानवीय भावनाएं शामिल होती हैं और यदि वह समाप्त हो जाएं तो अदालत के फैसले से उन्हें वापस लाने की कोई संभावना नहीं होती है। 
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अक्तूबर 2021 में पति ने साढ़े 7 लाख रुपये देने की पेशकश की थी जिसे पत्नी ने ठुकरा दिया। इस प्रकार पति को आगे बढ़ने से रोकने के लिए उसे तलाक न देना उसके प्रति पत्नी की क्रूरता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए पति की याचिका मंजूर कर ली। हाईकोर्ट ने तलाक की डिक्री तैयार करने का आदेश देते हुए याची को पत्नी के नाम 10 लाख रुपये की एफडी कराने का आदेश दिया है।

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