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इस्तीफे के बावजूद कम नहीं हुईं आईएएस रानी नागर की मुश्किलें, न कैडर बदला, न सुरक्षा मिली
Mon, 01 Jun 2020 01:18 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 01 Jun 2020 01:18 PM IST
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आईएएस रानी नागर
- फोटो : सोशल मीडिया
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हरियाणा कैडर की आईएएस रानी नागर इस्तीफा देने के बावजूद सुरक्षित नहीं हैं। वह इस समय गाजियाबाद स्थित अपने पैतृक निवास पर हैं। वहां भी उनकी जान को खतरा बना हुआ है। चंडीगढ़ में कर्फ्यू खत्म होते ही वह बहन रीमा नागर के साथ नौकरी से इस्तीफा देकर गाजियाबाद चली गईं थीं। हरियाणा सरकार उनका इस्तीफा नामंजूर कर केंद्र से कैडर बदलने की सिफारिश कर चुकी है।
न तो अभी तक रानी का कैडर बदला न उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई। सरकारें इसे लेकर लगातार विपक्ष के निशाने पर हैं। बावजूद इसके उत्तर प्रदेश व हरियाणा सरकार चुप्पी साधे हैं। रानी की मुश्किलें आईएएस की नौकरी ज्वाइन करने के बाद से कम ही नहीं हुईं। हरियाणा में उनके साथ अनेक घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक खुलासा नहीं हो पाया कि मास्टरमाइंड कौन है।
चंडीगढ़ की जिला अदालत में रानी ने कुछ अफसरों के खिलाफ केस भी किया हुआ है। रानी नागर के गाजियाबाद निवास के गेट पर 12 मई 2020 को दोपहर लगभग 2:50 बजे एक नकाबपोश व्यक्ति ने हेलमेट व काला चश्मा पहनकर बार-बार लातें मारी थीं। वह व्यक्ति स्टील ग्रे रंग की स्कूटी पर था। बकौल रानी, लातें मारने वाले ने अपना हुलिया महिला की तरह बनाया हुआ था। उसने गेट से बाहर निकल कर सड़क पर आने को कहा, जिसके लिए उसने मना कर दिया।
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न तो अभी तक रानी का कैडर बदला न उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई। सरकारें इसे लेकर लगातार विपक्ष के निशाने पर हैं। बावजूद इसके उत्तर प्रदेश व हरियाणा सरकार चुप्पी साधे हैं। रानी की मुश्किलें आईएएस की नौकरी ज्वाइन करने के बाद से कम ही नहीं हुईं। हरियाणा में उनके साथ अनेक घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक खुलासा नहीं हो पाया कि मास्टरमाइंड कौन है।
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चंडीगढ़ की जिला अदालत में रानी ने कुछ अफसरों के खिलाफ केस भी किया हुआ है। रानी नागर के गाजियाबाद निवास के गेट पर 12 मई 2020 को दोपहर लगभग 2:50 बजे एक नकाबपोश व्यक्ति ने हेलमेट व काला चश्मा पहनकर बार-बार लातें मारी थीं। वह व्यक्ति स्टील ग्रे रंग की स्कूटी पर था। बकौल रानी, लातें मारने वाले ने अपना हुलिया महिला की तरह बनाया हुआ था। उसने गेट से बाहर निकल कर सड़क पर आने को कहा, जिसके लिए उसने मना कर दिया।
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उत्तर प्रदेश व हरियाणा सरकार रानी पर हमले की कराएं जांच
एआईसीसी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि गुर्जर समाज, पिछड़ा वर्ग की आईएएस अधिकारी रानी नागर पर लगातार जानलेवा हमला, शोषण व अत्याचार के पीछे कौन है। रानी को जान से मारने के षड्यंत्र की जांच उत्तर प्रदेश-हरियाणा की भाजपा सरकारें क्यों नहीं करा रहीं। इस्तीफे को खारिज करने के बाद यूपी कैडर बदलने पर निर्णय क्यों नहीं लिया गया? 30 मई 2020 की रात को रानी नागर व उनकी बहन पर लोहे की रॉड से हमला महिलाओं की असुरक्षा की हद है।
अब तक रानी के साथ हुईं घटनाएं
. दिसंबर, 2017 में रानी नागर एसडीएम, डबवाली के तौर काम कर रही थीं, तो उनके घर पर आपराधिक हमला हुआ। 24 दिसंबर, 2017 को पुलिस ने दबाव बढ़ने पर एफआईआर दर्ज की।
. जून, 2018 में रानी नागर ने यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई। अब तक कार्रवाई नहीं।
. 17 अप्रैल, 2019 को रानी नागर ने अपने फेसबुक पर खुद पर हुए हमलों और खतरे के बारे में सार्वजनिक तौर से लिखा। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
. बतौर आईएएस रानी नागर दिसंबर, 2019 से चंडीगढ़ यूटी गेस्ट हाउस के कमरा नबर 311 में अपनी बहन के साथ रह रही थीं। यहां उनके खाने में पिन निकला। लॉकडाउन में रानी व उनकी बहन को खाना तक नहीं दिया गया। उनके कमरे का दरवाजा तक टूटा हुआ था।
अब तक रानी के साथ हुईं घटनाएं
. दिसंबर, 2017 में रानी नागर एसडीएम, डबवाली के तौर काम कर रही थीं, तो उनके घर पर आपराधिक हमला हुआ। 24 दिसंबर, 2017 को पुलिस ने दबाव बढ़ने पर एफआईआर दर्ज की।
. जून, 2018 में रानी नागर ने यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई। अब तक कार्रवाई नहीं।
. 17 अप्रैल, 2019 को रानी नागर ने अपने फेसबुक पर खुद पर हुए हमलों और खतरे के बारे में सार्वजनिक तौर से लिखा। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
. बतौर आईएएस रानी नागर दिसंबर, 2019 से चंडीगढ़ यूटी गेस्ट हाउस के कमरा नबर 311 में अपनी बहन के साथ रह रही थीं। यहां उनके खाने में पिन निकला। लॉकडाउन में रानी व उनकी बहन को खाना तक नहीं दिया गया। उनके कमरे का दरवाजा तक टूटा हुआ था।