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एक बार फिर विवादों में कासनी, रामराज पर उठाए सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 25 May 2017 09:13 AM IST
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प्रदीप कासनी
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हरियाणा के आईएएस अधिकारी प्रदीप कासनी एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। अपनी बेबाक टिप्पिणयों को लेकर अक्सर लाइमलाइट में रहने वाले कासनी ने इस बार अपनी फेसबुक वॉल पर रामराज को लेकर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि, रामराज बुरी बात है। राम को राज करना नहीं आता। उन्होंने तो सीताजी का फैसला भी ठीक नहीं किया था। ...और गलत की न कहीं अपील थी, न दलील। रामराज्य अच्छी बात नहीं है।’
कासनी के इस पोस्ट पर उनके फॉलोअर्स में बहस छिड़ी हुई है। कोई समर्थन में टिप्पणी कर रहा है तो कोई सवाल उठा रहा है। अधिकांश ने कासनी के पक्ष में ही कमेंट किए हैं। कासनी ने फालोअर्स के कमेंट का जवाब देते हुए लिखा है कि, राम भगवान हैं, ईश्वर हैं, पारलौकिक हैं। राजकाज के लिए चलने लायक सिस्टम, सुनवाई और सहकार के जंतर-तंतर बनाने पड़ते हैं।
ये खुदाओं के काम नहीं। वह धोखा नहीं देते, बस उनका होना न होना बराबर होता है। कासनी 28 फरवरी 2018 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। पूर्व हुड्डा सरकार की तरह ही इस सरकार में भी वे अच्छी पोस्टिंग पाने के लिए तरसते ही रहे। उन्हें गुरुग्राम का मंडलायुक्त लगाया गया था पर बावल जमीन अधिग्रहण मामले में जमीनों के अधिक रेट तय करने के आरोपों के चलते उन्हें हटा दिया गया। कासनी की रामराज पर पोस्ट को केंद्र और प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के रामराज्य के दावों से जोड़ कर देखा जा रहा है।
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कासनी के इस पोस्ट पर उनके फॉलोअर्स में बहस छिड़ी हुई है। कोई समर्थन में टिप्पणी कर रहा है तो कोई सवाल उठा रहा है। अधिकांश ने कासनी के पक्ष में ही कमेंट किए हैं। कासनी ने फालोअर्स के कमेंट का जवाब देते हुए लिखा है कि, राम भगवान हैं, ईश्वर हैं, पारलौकिक हैं। राजकाज के लिए चलने लायक सिस्टम, सुनवाई और सहकार के जंतर-तंतर बनाने पड़ते हैं।
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ये खुदाओं के काम नहीं। वह धोखा नहीं देते, बस उनका होना न होना बराबर होता है। कासनी 28 फरवरी 2018 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। पूर्व हुड्डा सरकार की तरह ही इस सरकार में भी वे अच्छी पोस्टिंग पाने के लिए तरसते ही रहे। उन्हें गुरुग्राम का मंडलायुक्त लगाया गया था पर बावल जमीन अधिग्रहण मामले में जमीनों के अधिक रेट तय करने के आरोपों के चलते उन्हें हटा दिया गया। कासनी की रामराज पर पोस्ट को केंद्र और प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के रामराज्य के दावों से जोड़ कर देखा जा रहा है।
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