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सुपरिंटेंडेंट ने दो IAS पर लगाया धमकाने का आरोप, काम ठप
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 04 Mar 2016 11:48 AM IST
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चंडीगढ़ के कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
यूटी सचिवालय में कार्यरत एक सुपरिंटेंडेंट ने आईएएस अधिकारी पर दुर्व्यवहार करने और सस्पेंड करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों ने इस बात के विरोध में सचिवालय के अंदर काम तक बंद कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक सचिवालय में काम ठप रहा।
एडवाइजर से मिलकर कर्मचारियों ने उक्त अधिकारी की शिकायत की। इसके बाद एडवाइजर ने अधिकारी से जवाब मांगने और पूरे मामले को देखने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद ही कर्मचारी वापस अपनी ब्रांच में फिर से काम पर लौटे।
वित्त विभाग की ब्रांच-1 के सुपरिंटेंडेंट विमल त्रिखा ने एडवाइजर को बताया कि वह एक फाइल पर लिखे नोट को दिखाने ज्वाइंट सेक्रेटरी एस्टेट कम सेक्रेटरी इंडस्ट्री डॉ. अदप्पा कार्तिक के पास गया था। डॉ. कार्तिक ने इस नोट को गलत बताते हुए दूसरी तरह से लिखने के लिए कहा।
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त्रिखा ने आरोप लगाया कि जब उसने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया तो डॉ. कार्तिक भड़क गए और उन्हें बुरा भला कहने लगे। इतना ही नहीं उन्होंने सस्पेंड तक करने की धमकी दी।
वहीं जब डॉ. कार्तिक ने स्पेशल सेक्रेटरी होम डॉ. एसबी दीपक कुमार को मामले की जानकारी दी तो डॉ. दीपक ने त्रिखा और दूसरे कर्मचारियों को बुलाकर पूछा। कर्मचारियों का आरोप है कि डॉ. दीपक भी उनसे अभद्रता से पेश आए और सस्पेंड करने की धमकी दी।
एडवाइजर करेंगे सभी ब्रांच का दौरा
कर्मचारियों ने एडवाइजर को बताया कि वह बहुत दबाव में काम कर रहे हैं। ब्रांच में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। इस दबाव का असर घर में बच्चों पर भी पड़ता है। इससे इन दिनों चल रही बच्चों की परीक्षाएं भी प्रभावित हो रहीं हैं। कर्मचारियों ने एडवाइजर देव को सभी ब्रांच में आकर हालात देखने की अपील की। इसके बाद एडवाइजर ने सभी ब्रांच का दौरा करने का आश्वासन भी दिया।
ऑफिस शिष्टाचार को ध्यान में रखकर ही बात की
विमल त्रिखा 15 दिन से फाइल आगे नहीं बढ़ा रहे थे। कई बार फाइल का अपडेट पूछा, लेकिन कोई संतोषजनकजवाब नहीं मिला। त्रिखा से ऑफिस शिष्टाचार को ध्यान में रखकर ही पूरी बात की गई। उनका रवैया ठीक नहीं था। पहले ही काफी मामले कोर्ट में विचाराधीन और अवमानना में फंसे हैं। इतने दिन फाइल दबी रहने से लोगों को परेशानी होती है।
- डॉ. अदप्पा कार्तिक, ज्वाइंट सेक्रेटरी एस्टेट कम सेक्रेटरी इंडस्ट्रीज, चंडीगढ़
दुर्व्यवहार पर कर्मचारी को सस्पेंड करेंगे
स्टाफ के सदस्य ने एक दूसरे अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार किया है। बाद में उसने इसके लिए माफी भी मांगी। अधिकारी ने ही मामले की जानकारी उन्हें दी। दुर्व्यवहार के कारण उसे सस्पेंड किया जाएगा।
- डॉ. एसबी दीपक कुमार, स्पेशल सेक्रेटरी होम, चंडीगढ़
यह कोई बड़ी बात नहीं
यह प्रशासन का आंतरिक मामला है। कोई बड़ी बात नहीं है। इससे ज्यादा कुछ नहीं।
- विजय कुमार देव, एडवाइजर टू एडमिनिस्ट्रेटर, चंडीगढ़
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एडवाइजर से मिलकर कर्मचारियों ने उक्त अधिकारी की शिकायत की। इसके बाद एडवाइजर ने अधिकारी से जवाब मांगने और पूरे मामले को देखने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद ही कर्मचारी वापस अपनी ब्रांच में फिर से काम पर लौटे।
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वित्त विभाग की ब्रांच-1 के सुपरिंटेंडेंट विमल त्रिखा ने एडवाइजर को बताया कि वह एक फाइल पर लिखे नोट को दिखाने ज्वाइंट सेक्रेटरी एस्टेट कम सेक्रेटरी इंडस्ट्री डॉ. अदप्पा कार्तिक के पास गया था। डॉ. कार्तिक ने इस नोट को गलत बताते हुए दूसरी तरह से लिखने के लिए कहा।
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त्रिखा ने आरोप लगाया कि जब उसने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया तो डॉ. कार्तिक भड़क गए और उन्हें बुरा भला कहने लगे। इतना ही नहीं उन्होंने सस्पेंड तक करने की धमकी दी।
वहीं जब डॉ. कार्तिक ने स्पेशल सेक्रेटरी होम डॉ. एसबी दीपक कुमार को मामले की जानकारी दी तो डॉ. दीपक ने त्रिखा और दूसरे कर्मचारियों को बुलाकर पूछा। कर्मचारियों का आरोप है कि डॉ. दीपक भी उनसे अभद्रता से पेश आए और सस्पेंड करने की धमकी दी।
एडवाइजर करेंगे सभी ब्रांच का दौरा
कर्मचारियों ने एडवाइजर को बताया कि वह बहुत दबाव में काम कर रहे हैं। ब्रांच में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। इस दबाव का असर घर में बच्चों पर भी पड़ता है। इससे इन दिनों चल रही बच्चों की परीक्षाएं भी प्रभावित हो रहीं हैं। कर्मचारियों ने एडवाइजर देव को सभी ब्रांच में आकर हालात देखने की अपील की। इसके बाद एडवाइजर ने सभी ब्रांच का दौरा करने का आश्वासन भी दिया।
ऑफिस शिष्टाचार को ध्यान में रखकर ही बात की
विमल त्रिखा 15 दिन से फाइल आगे नहीं बढ़ा रहे थे। कई बार फाइल का अपडेट पूछा, लेकिन कोई संतोषजनकजवाब नहीं मिला। त्रिखा से ऑफिस शिष्टाचार को ध्यान में रखकर ही पूरी बात की गई। उनका रवैया ठीक नहीं था। पहले ही काफी मामले कोर्ट में विचाराधीन और अवमानना में फंसे हैं। इतने दिन फाइल दबी रहने से लोगों को परेशानी होती है।
- डॉ. अदप्पा कार्तिक, ज्वाइंट सेक्रेटरी एस्टेट कम सेक्रेटरी इंडस्ट्रीज, चंडीगढ़
दुर्व्यवहार पर कर्मचारी को सस्पेंड करेंगे
स्टाफ के सदस्य ने एक दूसरे अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार किया है। बाद में उसने इसके लिए माफी भी मांगी। अधिकारी ने ही मामले की जानकारी उन्हें दी। दुर्व्यवहार के कारण उसे सस्पेंड किया जाएगा।
- डॉ. एसबी दीपक कुमार, स्पेशल सेक्रेटरी होम, चंडीगढ़
यह कोई बड़ी बात नहीं
यह प्रशासन का आंतरिक मामला है। कोई बड़ी बात नहीं है। इससे ज्यादा कुछ नहीं।
- विजय कुमार देव, एडवाइजर टू एडमिनिस्ट्रेटर, चंडीगढ़