बसताड़ा टोल प्लाजा प्रकरण खत्म: किसानों ने शिकायत वापस ली, आईएएस आयुष सिन्हा पंचकूला के एडीसी बने
जस्टिस एसएन अग्रवाल का कहना है कि सरकार के आदेश पर पूरे प्रकरण की जांच की गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए कृषि कानूनों को वापस ले लिया। उसके बाद किसान आंदोलन खत्म हुआ। आयोग की रिपोर्ट तैयार है, सरकार जो भी निर्णय लेगी वह अंतिम होगा।
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करनाल का बसताड़ा टोल प्लाजा प्रकरण खत्म हो गया है। किसानों ने आईएएस आयुष सिन्हा के खिलाफ भड़काऊ भाषण और लाठीचार्ज में भूमिका को लेकर दी अपनी शिकायत वापस ले ली है। इसके बाद सरकार ने आयुष को पंचकूला का एडीसी सह जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी लगा दिया। गुरुवार शाम मुख्य सचिव विजयवर्धन ने उनके नियुक्ति आदेश जारी किया।
आयुष की नई नियुक्ति के साथ ही बसताड़ा टोल प्लाजा प्रकरण की जांच को लेकर गठित जस्टिस सेवानिवृत्त एसएन अग्रवाल आयोग की रिपोर्ट औचित्यहीन हो गई है। अग्रवाल ने रिपोर्ट 24 दिसंबर को तैयार कर ली थी। उन्होंने सरकार से इसे सौंपने के लिए समय भी मांगा लेकिन बुलावा नहीं आया। किसान आंदोलन खत्म होने और केस वापसी पर रजामंदी के बाद अब सरकार की रुचि इस रिपोर्ट में अधिक नहीं है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ हुई किसान नेताओं की बैठक में ही यह तय हो गया था कि सरकार और किसान दोनों सकारात्मक तौर पर आगे बढ़ेंगे। किसानों पर दर्ज मामलों की वापसी की प्रक्रिया सरकार तुरंत शुरू करेगी और किसान, अफसरों के खिलाफ की गई अपनी शिकायतें वापस लेंगे। इसमें आयुष सिन्हा के खिलाफ वायरल वीडियो मामले और लाठीचार्ज के मामले की शिकायत भी शामिल थी। गृह विभाग 5 जनवरी 2022 को अधिसूचना जारी कर अग्रवाल आयोग का कार्यकाल खत्म कर चुका है।
अब आयोग की रिपोर्ट का औचित्य नहीं: चढूनी
भाकियू, चढूनी हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि जब शिकायत ही वापस हो गई तो अग्रवाल आयोग की रिपोर्ट का कोई औचित्य नहीं रह जाता। सरकार के साथ हुए समझौते में केस के साथ शिकायतें वापस लेने पर सहमति बनी थी। सरकार ने किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की है। उम्मीद है, अन्य मांगें भी जल्द पूरी होंगी।
दोनों ही पक्ष नहीं चाहते किसी का नुकसान
सरकार और किसानों के बीच हुए समझौते में यह बात सामने आई है कि दोनों ही पक्ष किसी का नुकसान नहीं चाहते। आयुष सिन्हा युवा आईएएस अधिकारी हैं। उनका लंबा प्रशासनिक जीवन सामने है। उनके खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई हो, किसान इस पक्ष में नहीं थे। सरकार भी नहीं चाहती थी कि प्रकरण को लेकर किसानों के खिलाफ कोई बात जाए। इसलिए दोनों पक्षों के बीच केस वापसी व शिकायत वापस लेने का आधार तैयार हुआ। इसलिए अब अग्रवाल आयोग ठंडे बस्ते में ही रहेगी।
कब-क्या हुआ
- 28 अगस्त 2021 को बसताड़ा टोल प्लाजा प्रकरण हुआ, आयुष का पुलिस कर्मियों को कड़े निर्देश देते वीडियो वायरल
- 1 सितंबर 2021 को आयुष का एसडीएम करनाल पद से अतिरिक्त सचिव, क्रिड में चंडीगढ़ तबादला
- 7 सितंबर से करनाल सिविल सचिवालय के बाहर आईएएस पर कार्रवाई व अन्य मांगों को लेकर किसानों का धरना
- 11 सितंबर को सरकार की तरफ से गए आईएएस देवेंद्र सिंह की मध्यस्थता के बाद विवाद निपटा
- 25 सितंबर 2021 को मामले की जांच के लिए अग्रवाल आयोग गठित, एक माह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
- 11 अक्तूबर को आयोग अस्तित्व में आया, 19 नवंबर को दो माह कार्यकाल बढ़ा, 24 दिसंबर को जांच पूरी
- बीते दिसंबर में आयुष सिन्हा को आईएएस में कंफर्म किया जा चुका