फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   IAS Ashok Khemka, Official Enquiry against HCS Vishwajeet Sheoran and Anmol

हरियाणाः आईएएस खेमका फिर सुर्खियों में, दो अफसरों के विवाद में पिस रहे बच्चे, शुरू हुई जांच

Thu, 09 Jan 2020 10:05 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 09 Jan 2020 10:05 AM IST
विज्ञापन
IAS Ashok Khemka, Official Enquiry against HCS Vishwajeet Sheoran and Anmol
अशोक खेमका, जगदीप सिंह - फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका एक बार फिर सुर्खियों में हैं। एक अफसर के साथ उनका विवाद चल रहा और उसमें दो बच्चे पिस रहे हैं। खेमका ने विश्वजीत श्योराण की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेल विभाग उनके ग्रेड-ए खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की जांच में जुट गया है।
विज्ञापन


आईएएस खेमका ने विश्वजीत श्योराण के शूटिंग में ग्रेड-एक खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट पर सवाल उठाए थे। उन्होंने हरियाणा लोकसेवा आयोग के चेयरमैन और हरियाणा की मुख्य सचिव को 27 दिसंबर 2019 को पत्र लिखकर इसकी जांच कराने की मांग की थी। विश्वजीत के साथ ही रेसलर अनमोल के सर्टिफिकेट को लेकर भी शिकायत आई थी।
विज्ञापन


मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने खेल विभाग को अनमोल ओर विश्वजीत के खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की जांच के आदेश दे दिए थे। जिसमें विभाग जुटा हुआ है। दो-तीन दिन में रिपोर्ट विभाग से मुख्य सचिव के पास पहुंच जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

खेमका का आरोप है कि विश्वजीत का ग्रेडेशन सर्टिफिकेट सही नहीं है और उसे उसके आईएएस पिता जगदीप सिंह ने खेल निदेशक रहते अंतिम दिन मंजूरी दी थी। इस पर विश्वजीत के आईएएस पिता जगदीप सिंह का कहना है कि ए-ग्रेड ग्रेडेशन सर्टिफिकेट दो खिलाड़ियों को जारी हुआ था, जिनमें रेसलर अनमोल व शूटर विश्वजीत शामिल हैं।

अनमोल का कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य है, जबकि विश्वजीत का आईएसएसएफ जूनियर कप सूहल, जर्मनी में सिल्वर पदक है। ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की प्रक्रिया जिला खेल अधिकारी के स्तर पर 8-9 सदस्यीय समिति से शुरू होती है। ये कमेटी पूरा रिकार्ड जांचने के बाद सर्टिफिकेट के लिए अपना अनुमोदन खेल निदेशालय को भेजती है।

अनुमोदन पर निदेशालय स्तर की 7 लोगों की कमेटी आवेदनों की छंटनी के बाद निर्णय लेती है। मुख्यालय से सर्टिफिकेट के लिए चयनित खिलाड़ियों की फाइल फिर जिला खेल अधिकारी को जाती है। जिसे वह अपनी संस्तुति के साथ फिर निदेशालय को भेजते हैं, इसके बाद सर्टिफिकेट जारी होता है।

इसमें इंटरनेशनल फेडरेशन से उसके लेटर हेड पर ये लिखवाकर लिया जाता है कि वह आईओसी से मान्यता प्राप्त है। प्रतियोगिता को मान्यता दी या नहीं, कौन सा मेडल जीता है, उसकी पुष्टि भी करवाते हैं। नेशनल फेडरेशन के लेटर से ही सारी चीजें साफ हो जाती हैं।

जगदीप ने बताया कि विश्वजीत को आईएसएसएफ की ओर से जारी प्रमाण पत्र पर फेडरेशन के अध्यक्ष व महासचिव के हस्ताक्षर हैं। रिजल्ट उनकी वेबसाइट पर मौजूद है। उसमें सिल्वर मेडल का भी जिक्र है। विश्वजीत 2002 से शूटिंग में है। इसी साल स्टेट चैंपियन भी बना। लगातार खेला और 2018 में अंतिम टूर्नामेंट में हिस्सा लिया।

उसे 77 राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय मेडल जीते हैं। जब हरियाणा लोकसेवा आयोग ने अपना रिजल्ट जारी कर दिया, फिर उसे शिकायत का कोई मतलब नहीं रह जाता। उनके बेटे के खिलाफ साजिश रची जा रही है। मुख्य सचिव को आने वाली जांच रिपोर्ट में सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

दो अफसरों के विवाद में पिस रहे बच्चे
आईएएस अशोक खेमका व आईएएस जगदीप सिंह के बीच चल रहे विवाद में बच्चे भी पिस रहे हैं। जगदीप के दोनों बच्चों विश्वजीत व बेटी गौरी दोनों शूटर हैं। दोनों आईएएस के बीच विवाद शुरू होने के बाद विश्वजीत व गौरी के खिलाफ अनेक शिकायतें हुई हैं। उनके कैश अवार्ड भी रोके गए। जबकि, 1993 की ग्रेडेशन पालिसी अनुसार भी विश्वजीत का ए ग्रेड सर्टिफिकेट रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed