अशोक खेमका ने कहा: वर्मा के खिलाफ की थी शिकायत, रविंद्र के पिता पर लगा चुका हूं जुर्माना, दोनों का मेरे खिलाफ व्यक्तिगत द्वेष
अशोक खेमका ने शिकायत में कहा है कि 2009-10 में की गई नियुक्तियों नियमों के अनुरूप हैं। साक्षात्कार आयोजित कर चयनित उम्मीदवारों की मेरिट सूची तैयार की थी।
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हरियाणा के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने पुलिस को दी शिकायत में आईएएस संजीव वर्मा के अलावा रविंद्र कुमार के खिलाफ अनेक खुलासे किए हैं। शिकायत में खेमका ने कहा है कि वर्मा और रविंद्र ने व्यक्तिगत प्रतिशोध में मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। वे दोनों मेरे खिलाफ व्यक्तिगत द्वेष रखते हैं, क्योंकि अतीत में मेरी कुछ कार्रवाई से दोनों प्रभावित हुए थे।
संजीव, मेरे खिलाफ एक व्यक्तिगत शिकायत रखते हैं, क्योंकि मैंने उनकी भर्तियों में कारगुजारी व संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर वर्ष 2020 में मुख्य सचिव से शिकायत की थी। उस समय वर्मा मेरे अधीनस्थ कार्यरत थे। रविंद्र कुमार अक्सर निराधार और झूठे आरोप लगाते हैं, क्योंकि मैंने उनके पिता नफे सिंह पर जुर्माना लगाया था, जो एफसीआई चावल के स्टॉक के दुरुपयोग के दोषी पाए गए थे। लोकायुक्त भी रविंद्र के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी कर चुके हैं। दोनों ने मुझसे बदला लेने के लिए भ्रष्ट मकसद से झूठी शिकायत दर्ज कराई है। वर्मा ने भंडारण निगम में नई नियुक्तियों का फायदा उठाते हुए गलत तरीके से जांच समिति गठित की।
खेमका ने शिकायत में कहा है कि 2009-10 में की गई नियुक्तियों नियमों के अनुरूप हैं। साक्षात्कार आयोजित कर चयनित उम्मीदवारों की मेरिट सूची तैयार की थी। मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि की अध्यक्षता में भंडारण निगम की कार्यकारी समिति ने चयन किया था। कार्यकारी समिति वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन अधिनियम, 1962 की धारा 25 के तहत एक वैधानिक निकाय है।
प्रबंधक ग्रेड -1 की 10 विज्ञापित रिक्तियों के खिलाफ पात्रता मानदंड के अनुसार योग्य उम्मीदवारों को शॉर्ट लिस्ट किया था। निगम के एमडी संजीव वर्मा को रविंद्र जानता है, इसलिए कानूनी नोटिस सुनियोजित तरीके से भिजवाया गया।
डीसीपी पूर्व रिपोर्ट में कह चुके भर्तियों में कोई अपराध नहीं
रविंदर कुमार ने इसी मामले में वर्ष 2016 में डीसीपी, पंचकूला के पास शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लोकायुक्त के पास भी शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद डीसीपी पंचकूला ने लोकायुक्त को अपनी रिपोर्ट में कहा था कि नियुक्तियों में कोई अपराध नहीं किया गया।
वर्मा ने दो प्रबंधकों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार के लगाए हैं आरोप
संजीव वर्मा ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में खेमका सहित चार लोगों पर दो प्रबंधकों की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि दोनों नियुक्त किए गए प्रबंधक योग्यता पूरी नहीं करते थे। इसके बावजूद उन्हें चयनित किया गया।