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मैं हेलीकॉप्टर से नहीं घूमता, जमीन पर चलता हूं... सीएम से छत्तीस का आंकड़ा नहीं: पुरोहित
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-विदाई से पहले पूर्व राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने रखी अपनी बात, नसीहत के साथ तंज भी कसा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। करीब तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित मंगलवार को राजभवन से विदा हो गए। विदाई समारोह के दौरान उन्होंने सरकार और अफसरों को नसीहत भी दी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ संबंधों पर भी स्पष्टता से अपनी बात रखी। हालांकि, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मौजूद नहीं थे।
उन्होंने कहा तीन साल बातों में निकल गए। पंजाब में विकास और काम का बहुत स्कोप है। मैंने अपने जीवन के 50 साल जनता के बीच रहकर गुजारे हैं। असम, मेघालय, तमिलनाडु, राजस्थान और पंजाब के अलावा कई जगहों पर काम किया। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सीएम साहब (मुख्यमंत्री भगवंत मान) से कह देना मैं हेलीकॉप्टर से नहीं घूमता, चाहता तो मैं भी सरकार से हेलीकॉप्टर ले सकता था, लेकिन मैं हमेशा जमीन पर चलता हूं, ताकि जमीनी हकीकत का पता लगा सकूं। उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री मान ने सरकार का हेलीकॉप्टर इस्तेमाल करने पर एक बार राज्यपाल को घेरा था।
उन्होंने कहा कि पंजाब में मैं कहीं भी दौरे पर गया, अपनी गाड़ी से गया, ताकि लोगों से मिल सकूं और उनकी समस्याओं को जान सकूं। मैं बॉर्डर पर भी इसलिए जाता था, ताकि पंजाब में ड्रग्स की समस्यों को जड़ से खत्म कर सकूं। मेरा सीएम के साथ कोई छत्तीस का आंकड़ा नहीं है। विदाई समारोह के दौरान राज्यपाल पुरोहित ने पंजाब और चंडीगढ़ में गुजारे तीन वर्षों के अच्छे और अनुभवी पलों को सभागार में मौजूद पंजाब और चंडीगढ़ के अधिकारियों और मंत्रियों के साथ साझा किया। इस दौरान पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा, मुख्य सचिव अनुराग वर्मा, पंजाब के डीजीपी गौरव यादव, प्रशासक के सलाहकार, चंडीगढ़ डीजीपी और पंजाब व चंडीगढ़ के अधिकारी मौजूद रहे।
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सीएम पता नहीं क्यों नाराज रहते हैं
राज्यपाल पुरोहित ने कहा कि वह अध्यात्म से जुड़े व्यक्ति हैं। उन्हें कोई एक-दो शब्द बोले भी दे तो असर नहीं होता। जीवन में कभी मिस अंडर स्टैंडिंग नहीं होनी चाहिए। सीएम (मुख्यमंत्री भगवंत मान) पता नहीं क्यों नाराज रहते हैं। राज्यपाल ने इस दौरान अधिकारियों से कहा कि भारत का संविधान गीता की तरह है। कई बार सरकार चलाने के बीच मंत्री संविधान के नियमों की अनदेखी कर देते हैं, ऐसे में यह अफसरों की जिम्मेदारी बनती है कि वह मंत्रियों को उसके बारे में बताएं। यहां तक की कोई भी निर्णय लेने या कदम उठाने से पहले लीगल ओपिनियन जरूर लेना चाहिए।
मैंने जीवन के 1008 चांद देख लिए, इससे अच्छी रिटायरमेंट नहीं
अपने इस्तीफे को लेकर राज्यपाल पुरोहित ने कहा कि कई लोगों में यह भ्रम है कि मेरी सीएम भगवंत मान से नहीं बनती थी, इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया। मैंने अपने निजी कारणों के चलते इस्तीफा दिया था, जोकि लोकसभा चुनाव के कारण मंजूर नहीं हुआ था। राज्यपाल ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ तिरुपति और अयोध्या के दर्शन कर आए और अब जीवन के 84 साल हो गए हैं। राज्यपाल पुरोहित ने कहा कि इन 84 वर्षों में वह सहस्त्र चंद्र दर्शन-यानी 1008 बार चांद देख चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे अच्छी रिटायरमेंट नहीं हो सकती, वह खुशी-खुशी यहां विदा ले रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। करीब तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित मंगलवार को राजभवन से विदा हो गए। विदाई समारोह के दौरान उन्होंने सरकार और अफसरों को नसीहत भी दी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ संबंधों पर भी स्पष्टता से अपनी बात रखी। हालांकि, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मौजूद नहीं थे।
उन्होंने कहा तीन साल बातों में निकल गए। पंजाब में विकास और काम का बहुत स्कोप है। मैंने अपने जीवन के 50 साल जनता के बीच रहकर गुजारे हैं। असम, मेघालय, तमिलनाडु, राजस्थान और पंजाब के अलावा कई जगहों पर काम किया। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सीएम साहब (मुख्यमंत्री भगवंत मान) से कह देना मैं हेलीकॉप्टर से नहीं घूमता, चाहता तो मैं भी सरकार से हेलीकॉप्टर ले सकता था, लेकिन मैं हमेशा जमीन पर चलता हूं, ताकि जमीनी हकीकत का पता लगा सकूं। उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री मान ने सरकार का हेलीकॉप्टर इस्तेमाल करने पर एक बार राज्यपाल को घेरा था।
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उन्होंने कहा कि पंजाब में मैं कहीं भी दौरे पर गया, अपनी गाड़ी से गया, ताकि लोगों से मिल सकूं और उनकी समस्याओं को जान सकूं। मैं बॉर्डर पर भी इसलिए जाता था, ताकि पंजाब में ड्रग्स की समस्यों को जड़ से खत्म कर सकूं। मेरा सीएम के साथ कोई छत्तीस का आंकड़ा नहीं है। विदाई समारोह के दौरान राज्यपाल पुरोहित ने पंजाब और चंडीगढ़ में गुजारे तीन वर्षों के अच्छे और अनुभवी पलों को सभागार में मौजूद पंजाब और चंडीगढ़ के अधिकारियों और मंत्रियों के साथ साझा किया। इस दौरान पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा, मुख्य सचिव अनुराग वर्मा, पंजाब के डीजीपी गौरव यादव, प्रशासक के सलाहकार, चंडीगढ़ डीजीपी और पंजाब व चंडीगढ़ के अधिकारी मौजूद रहे।
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सीएम पता नहीं क्यों नाराज रहते हैं
राज्यपाल पुरोहित ने कहा कि वह अध्यात्म से जुड़े व्यक्ति हैं। उन्हें कोई एक-दो शब्द बोले भी दे तो असर नहीं होता। जीवन में कभी मिस अंडर स्टैंडिंग नहीं होनी चाहिए। सीएम (मुख्यमंत्री भगवंत मान) पता नहीं क्यों नाराज रहते हैं। राज्यपाल ने इस दौरान अधिकारियों से कहा कि भारत का संविधान गीता की तरह है। कई बार सरकार चलाने के बीच मंत्री संविधान के नियमों की अनदेखी कर देते हैं, ऐसे में यह अफसरों की जिम्मेदारी बनती है कि वह मंत्रियों को उसके बारे में बताएं। यहां तक की कोई भी निर्णय लेने या कदम उठाने से पहले लीगल ओपिनियन जरूर लेना चाहिए।
मैंने जीवन के 1008 चांद देख लिए, इससे अच्छी रिटायरमेंट नहीं
अपने इस्तीफे को लेकर राज्यपाल पुरोहित ने कहा कि कई लोगों में यह भ्रम है कि मेरी सीएम भगवंत मान से नहीं बनती थी, इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया। मैंने अपने निजी कारणों के चलते इस्तीफा दिया था, जोकि लोकसभा चुनाव के कारण मंजूर नहीं हुआ था। राज्यपाल ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ तिरुपति और अयोध्या के दर्शन कर आए और अब जीवन के 84 साल हो गए हैं। राज्यपाल पुरोहित ने कहा कि इन 84 वर्षों में वह सहस्त्र चंद्र दर्शन-यानी 1008 बार चांद देख चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे अच्छी रिटायरमेंट नहीं हो सकती, वह खुशी-खुशी यहां विदा ले रहे हैं।