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नोटबंदी ने छीन लिया था सुहाग, अब दर-दर धक्के खा रही महिला, जानिए क्यों?
सुशील सिंगला/अमर उजाला, टोहाना(हरियाणा)
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:46 AM IST
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एक साल पहले नोटबंदी ने महिला का सुहाग छीन लिया था और अब वह दर-दर धक्के खा रही है। हालात ऐसे हैं कि उसके लिए जिंदगी का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। मामला हरियाणा के टोहाना का है। करीब एक साल पहले नोटबंदी ने गांव डांगरा की ओमपति का सुहाग छीन लिया था। एसबीआई की लाइन में काफी देर तक लगे रहने से 60 वर्षीय देसराज चक्कर खा कर गिरे। उन्हें सीधे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत बताया।
देसराज कुछ समय पहले ही सिंचाई विभाग से रिटायर हुए थे। विभाग आज तक उनकी पत्नी के लिए पेंशन शुरू नहीं कर पाया है। ओमपति के अनुसार, उसके पति सिंचाई विभाग में मेट के पद से रिटायर हुए थे। उनकी पेंशन अटकी हुई थी। 18 नवंबर को बेटे की शादी थी। शादी की तैयारियां शुरू थी, इसलिए रुपये निकलवाने के लिए 14 नवंबर को वह सुबह ही बैंक के लिए निकल गए। एसबीआई की लंबी लाइन में लगे-लगे चक्कर आया।
ओमपति उस दिन रोज की तरह घर का कामकाज निपटाने में लगी थीं, तभी किसी ने आकर सूचना दी कि देसराज लाइन में लगे-लगे गिर गए हैं, उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है। घर में ऐसा मातम छाया कि जो शादी धूमधाम से होनी थी, नोटबंदी की वजह से दुख और मातम के बीच सादगी से हुई।
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पेंशन के लिए काट रहीं चक्कर
ओमपति ने बताया कि पेंशन के लिए वह एक साल से बैंक और विभाग के चक्कर काट रही हैं। सिंचाई विभाग वाले कहते हैं कि उन्होंने कागज भेज दिए हैं तो दूसरी ओर बैंक वाले कहते हैं कि अभी कागज आए नहीं हैं, जब आ जाएंगे तब पेंशन शुरू हो जाएगी। वह किसी तरह से गुजारा कर रही हैं।
देसराज सनियाना मंडल में कार्यरत था। उसके सभी कागजात बनाकर काफी पहले चंडीगढ़ मुख्यालय को भेजे जा चुके हैं। पेंशन का क्या स्टेटस है, इस बारे में हम नहीं बता सकते।
- मदन लाल मित्तल, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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देसराज कुछ समय पहले ही सिंचाई विभाग से रिटायर हुए थे। विभाग आज तक उनकी पत्नी के लिए पेंशन शुरू नहीं कर पाया है। ओमपति के अनुसार, उसके पति सिंचाई विभाग में मेट के पद से रिटायर हुए थे। उनकी पेंशन अटकी हुई थी। 18 नवंबर को बेटे की शादी थी। शादी की तैयारियां शुरू थी, इसलिए रुपये निकलवाने के लिए 14 नवंबर को वह सुबह ही बैंक के लिए निकल गए। एसबीआई की लंबी लाइन में लगे-लगे चक्कर आया।
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ओमपति उस दिन रोज की तरह घर का कामकाज निपटाने में लगी थीं, तभी किसी ने आकर सूचना दी कि देसराज लाइन में लगे-लगे गिर गए हैं, उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है। घर में ऐसा मातम छाया कि जो शादी धूमधाम से होनी थी, नोटबंदी की वजह से दुख और मातम के बीच सादगी से हुई।
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पेंशन के लिए काट रहीं चक्कर
ओमपति ने बताया कि पेंशन के लिए वह एक साल से बैंक और विभाग के चक्कर काट रही हैं। सिंचाई विभाग वाले कहते हैं कि उन्होंने कागज भेज दिए हैं तो दूसरी ओर बैंक वाले कहते हैं कि अभी कागज आए नहीं हैं, जब आ जाएंगे तब पेंशन शुरू हो जाएगी। वह किसी तरह से गुजारा कर रही हैं।
देसराज सनियाना मंडल में कार्यरत था। उसके सभी कागजात बनाकर काफी पहले चंडीगढ़ मुख्यालय को भेजे जा चुके हैं। पेंशन का क्या स्टेटस है, इस बारे में हम नहीं बता सकते।
- मदन लाल मित्तल, एसडीओ, सिंचाई विभाग