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'पत्नी संबंध बनाने से करती है मना, लिंग जांच के दिए जाएं आदेश', हाईकोर्ट का इनकार, कहा...
Thu, 27 Feb 2020 10:20 AM IST
खुशबू गोयल
विवेक शर्मा, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 27 Feb 2020 10:20 AM IST
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फाइल फोटो
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपनी तरह का एक अलग ही मामला पहुंचा, जिसमें पति ने पत्नी के लिंग की जांच कराए जाने की मांग की है। याची ने पत्नी को किन्नर बताते हुए यह जांच कराने के आदेश जारी करने की हाईकोर्ट से अपील की है। लेकिन हाईकोर्ट ने इनकार करते हुए कहा कि केवल कह देने भर से जांच के लिए आदेश का आवश्यक आधार नहीं बनता।
इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने पति की याचिका खारिज कर दी। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि उसका विवाह 2015 में हुआ था और वह विवाह के एक माह बाद वह ब्रिटेन चला गया। इसके बाद से ही लगातार पत्नी और उसके घर वाले याची पर पत्नी को ब्रिटेन ले जाने का दबाव बनाने लगे। इसके बाद जब वह पत्नी से मिला तो उसके साथ संबंध बनाने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी न किसी तरह से उसे टालने लगी।
इस बीच जब उसके परिजनों से बात की गई तो उन्होंने शर्म होने की बात कहते हुए कुछ दिन और निकाल दिए। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो याची ने पत्नी को मेडिकल टेस्ट करवाने को कहा। इस दौरान उसका अल्ट्रासाउंड होना था, लेकिन पत्नी ने वह कराने से भी इनकार कर दिया। इस बीच पत्नी ने दहेज और घरेलू हिंसा का केस डाल दिया। याची ने भी पत्नी से तलाक के लिए केस दाखिल कर दिया है।
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इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने पति की याचिका खारिज कर दी। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि उसका विवाह 2015 में हुआ था और वह विवाह के एक माह बाद वह ब्रिटेन चला गया। इसके बाद से ही लगातार पत्नी और उसके घर वाले याची पर पत्नी को ब्रिटेन ले जाने का दबाव बनाने लगे। इसके बाद जब वह पत्नी से मिला तो उसके साथ संबंध बनाने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी न किसी तरह से उसे टालने लगी।
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इस बीच जब उसके परिजनों से बात की गई तो उन्होंने शर्म होने की बात कहते हुए कुछ दिन और निकाल दिए। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो याची ने पत्नी को मेडिकल टेस्ट करवाने को कहा। इस दौरान उसका अल्ट्रासाउंड होना था, लेकिन पत्नी ने वह कराने से भी इनकार कर दिया। इस बीच पत्नी ने दहेज और घरेलू हिंसा का केस डाल दिया। याची ने भी पत्नी से तलाक के लिए केस दाखिल कर दिया है।
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पहले लुधियाना कोर्ट ने खारिज की अर्जी
याची ने बताया कि उसने लुधियाना कोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए पत्नी का मेडिकल टेस्ट करवाने की अपील की थी, जिसे अगस्त 2018 में खारिज कर दिया गया। इसलिए याची ने अब हाईकोर्ट की शरण ली है। लेकिन हाईकोर्ट ने भी इस मामले में याची को कोई राहत न देते हुए मेडिकल जांच के आदेश जारी करने से इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि उसको अधिकार है, वह मेडिकल टेस्ट के आदेश जारी कर सकता है, लेकिन हर मामले में ऐसा नहीं किया जा सकता। कोर्ट को इस प्रकार का आदेश जारी करने के लिए पर्याप्त कारण और साक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए और यह मामला जांच के आदेश जारी करने के लिए सही नहीं है।
हाईकोर्ट ने कहा कि उसको अधिकार है, वह मेडिकल टेस्ट के आदेश जारी कर सकता है, लेकिन हर मामले में ऐसा नहीं किया जा सकता। कोर्ट को इस प्रकार का आदेश जारी करने के लिए पर्याप्त कारण और साक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए और यह मामला जांच के आदेश जारी करने के लिए सही नहीं है।