{"_id":"6a5fc661752f196c700bad0d","slug":"humidity-rises-after-rain-causing-discomfort-heavy-rainfall-alert-issued-for-three-days-chandigarh-news-c-16-pkl1079-1076570-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: बारिश के बाद उमस ने बढ़ाई बेचैनी, तीन दिन भारी बरसात का अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: बारिश के बाद उमस ने बढ़ाई बेचैनी, तीन दिन भारी बरसात का अलर्ट
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। चंडीगढ़ में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार पिछले 24 घंटों में शहर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि मंगलवार सुबह हल्की बारिश के बाद दोपहर तक धूप निकल आई, जिससे पूरे दिन उमस ने लोगों को परेशान किया। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने 22 से 24 जुलाई तक चंडीगढ़ में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम में लगातार आ रहे बदलावों के पीछे कई कारण हैं। भूमध्य सागर से सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाओं से टकराता है तो उत्तर भारत में भारी बारिश की स्थिति बनती है।
ग्लोबल वॉर्मिंग से बदला मौसम का मिजाज
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण वातावरण में नमी धारण करने की क्षमता बढ़ गई है। इसका असर यह है कि कभी लंबे समय तक सूखे जैसी स्थिति रहती है तो कभी कुछ ही घंटों में अत्यधिक वर्षा (एक्सट्रीम वेदर इवेंट) हो जाती है। इसके अलावा मैदानी क्षेत्रों के ऊपर बनने वाला चक्रवाती परिसंचरण बंगाल की खाड़ी से नमी को तेजी से उत्तर भारत तक खींच लाता है। इससे तापमान में अचानक गिरावट आती है और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होती है।
विज्ञापन
21 जुलाई का पांच वर्ष का हाल
2026 32.3°C 24.0°C आसमान में घने बादल 24.4 मिमी बारिश
2025 34.1°C 25.5°C उमस भरा मौसम, हल्की बूंदाबांदी
2024 35.0°C 26.2°C सामान्य उमस और आंशिक रूप से बादल
2023 31.2°C 23.5°C रिकॉर्ड तोड़ मानसूनी बारिश और जलभराव
2022 33.6°C 24.8°C सामान्य मानसूनी फुहारें
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम में लगातार आ रहे बदलावों के पीछे कई कारण हैं। भूमध्य सागर से सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाओं से टकराता है तो उत्तर भारत में भारी बारिश की स्थिति बनती है।
विज्ञापन
ग्लोबल वॉर्मिंग से बदला मौसम का मिजाज
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण वातावरण में नमी धारण करने की क्षमता बढ़ गई है। इसका असर यह है कि कभी लंबे समय तक सूखे जैसी स्थिति रहती है तो कभी कुछ ही घंटों में अत्यधिक वर्षा (एक्सट्रीम वेदर इवेंट) हो जाती है। इसके अलावा मैदानी क्षेत्रों के ऊपर बनने वाला चक्रवाती परिसंचरण बंगाल की खाड़ी से नमी को तेजी से उत्तर भारत तक खींच लाता है। इससे तापमान में अचानक गिरावट आती है और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होती है।
विज्ञापन
21 जुलाई का पांच वर्ष का हाल
2026 32.3°C 24.0°C आसमान में घने बादल 24.4 मिमी बारिश
2025 34.1°C 25.5°C उमस भरा मौसम, हल्की बूंदाबांदी
2024 35.0°C 26.2°C सामान्य उमस और आंशिक रूप से बादल
2023 31.2°C 23.5°C रिकॉर्ड तोड़ मानसूनी बारिश और जलभराव
2022 33.6°C 24.8°C सामान्य मानसूनी फुहारें