घोड़ा गाड़ी हांकने वाले की बेटी बनी टीम इंडिया की कैप्टन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोल मशीन के नाम से जानी जाने वाली शाहाबाद की रानी रामपाल अब भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तानी करेंगी। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान बनीं रानी रामपाल एक साधारण से परिवार से संबंधित हैं। यह बात अपने आप में प्रभावी है कि ओलंपिक का टिकट दिलाने वाली रानी रामपाल के पिता आज भी शाहाबाद की सड़कों पर घोड़ा गाड़ी चलाते हैं।
इतना ही नहीं प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों को मिलने वाले सम्मान से अंसतुष्ट रानी रामपाल ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में पटियाला हॉकी सेंटर ज्वाइन कर लिया है। इससे पहले वह रेलवे में नौकरी कर रही थी।
रानी के जूनियर भारतीय महिला हाकी टीम का कप्तान चुने जाने पर नगर वासियों में खुशी का माहौल है। रानी रामपाल जूनियर विंग में भारतीय टीम का नेतृत्व करने वाली शाहाबाद की आठवीं खिलाड़ी चुनी गई है। इससे पूर्व शाहाबाद की रीतू रानी, सुरेंद्र कौर, जसजीत सहित अन्य खिलाडिय़ों ने भी टीम का नेतृत्व किया। नव नियुक्त भारतीय हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने कहा है यह उनके लिए एक गर्व की बात है। इस समय रानी दिल्ली में चल रहे कैंप में प्रेक्टिस कर रही है।
भारतीय टीम का नेतृत्व करना गर्व की बात : रानी
फोन पर अमर उजाला से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य 5 से 15 सितंबर तक जापान में होने वाले मैचों में टीम को जीत दिलवाना है और उनका पहला मैच कोरिया की टीम के साथ होगा। बता दें की अभी हाल में ही हुए जापान के खिलाफ हेट्रिक लगाने के बाद अंत तक स्कोर 1-0 रहा और भारत की टीम ने मैच जीत लिया था।
रानी रामपाल ने कहा कि यह जीत महाजीत है और अपने आप में यह इतिहास रहेगा कि भारतीय टीम ने ओलंपिक 2015 में प्रवेश किया। इससे पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1980 में मास्को ओलंपिक में खेला था और अब शाहाबाद की रानी की बदौलत 2015 का ओलंपिक खेलेंगी।
रानी रामपाल ने कहा कि मैच के अंत तक जापान पर एक ही गोल था और यही डर सता रहा था कि जापान कहीं गोल न कर दे। लेकिन इंडिया टीम पूरे तालमेल से खेली और यह मैच 1-0 से जीतकर ओलंपिकट का टिकट कटवाया।
रानी रामपाल ने कहा कि जापान के खिलाफ उसने जो एक गोल किया है यह उसके जीवन का सबसे ऐतिहासिक व सुनहरी गोल है। क्योंकि इस एक गोल की बदौलत भारतीय टीम ने 36 साल बाद ओलंपिक में प्रवेश किया है। रानी रामपाल ने कहा कि वह चाहेगी कि ओलंपिक में भी इस तरह से प्रदर्शन करके नया इतिहास रचे।