{"_id":"5908648e4f1c1b38078b4569","slug":"huge-fire-in-darbhanga-express-train-at-diwana-station-panipat-burning-train","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अचानक दरभंगा एक्सप्रेस से उतरकर इधर उधर भागने लगे लोग, हजारों जानें बचीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अचानक दरभंगा एक्सप्रेस से उतरकर इधर उधर भागने लगे लोग, हजारों जानें बचीं
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
Updated Wed, 03 May 2017 09:40 AM IST
विज्ञापन
जालंधर स्टेशन पर दरभंगा एक्सप्रेस में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दरभंगा एक्सप्रेस दौड़ती जा रही थी, अचानक रुकवाई गई और उतरकर लोग इधर उधर भागने लगे। अगर बड़ा हादसा हो जाता तो कई जिंदगियां चली जातीं।
विज्ञापन
आग लगने के कारण साफ नहीं हो पाए हैं
फ्लैक्सी फेयर से रेलवे की बल्ले-बल्ले
- फोटो : File Photo
गेटमैन ने बताया कि सोमवार रात करीब डेढ़ बजे विकास नगर फाटक से सरयू-यमुना एक्सप्रेस गुजरनी थी। जैसे ही वह आई, देखा कि आखिरी से चौथी बोगी में धुआं निकल रहा है। उसने तुरंत ट्रेन रुकवाई और लोगों से नीचे उतरने को कहा। इतनी देर में अफसरों को खबर कर दी गई।
इसके बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल आग लगने के कारण साफ नहीं हो पाए हैं। वहीं हादसे के कारण दिल्ली अम्बाला रेल ट्रैक काफी देर तक बाधित रहा। अप और डाउन ट्रैक की कई एक्सप्रेस गाड़ियों को जहां का तहां रोकना पड़ा। दूसरी ट्रेन के यात्रियों में भी हड़कंप मचा हुआ था।
गौरतलब है कि इसी तरह पानीपत में 18 फरवरी 2007 को समझौता एक्सप्रेस में आग लगी थी, जिसमें 69 यात्री जिन्दा जल गए थे। अगर समय रहते आग का पता न चलता तो 10 साल पहले हुए हादसे का दोहराव हो सकता था।
इसके बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल आग लगने के कारण साफ नहीं हो पाए हैं। वहीं हादसे के कारण दिल्ली अम्बाला रेल ट्रैक काफी देर तक बाधित रहा। अप और डाउन ट्रैक की कई एक्सप्रेस गाड़ियों को जहां का तहां रोकना पड़ा। दूसरी ट्रेन के यात्रियों में भी हड़कंप मचा हुआ था।
गौरतलब है कि इसी तरह पानीपत में 18 फरवरी 2007 को समझौता एक्सप्रेस में आग लगी थी, जिसमें 69 यात्री जिन्दा जल गए थे। अगर समय रहते आग का पता न चलता तो 10 साल पहले हुए हादसे का दोहराव हो सकता था।