SYL पर हुड्डा ने भरी हुंकार, पंजाब ने पानी रोका तो उठाएंगे ये कदम
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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह ने पानीपत की धरती से एसवाईएल के पानी को लेकर पंजाब को ललकारा है। साथ ही हरियाणा सरकार के पीछे हटाने पर अपनी छाती आगे अड़ाने की बात कही है। हुड्डा ने साफ किया कि पंजाब एसवाईएल का पानी रोकता है, तो वे उनके दिल्ली जाने के रास्ते को रोक देंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री शुक्रवार को शहर के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। हुड्डा यहां पर जिला बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। इस दौरान जिला बार एसोसिएशन ने पंजाब सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने का प्रस्ताव पास किया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जिला बार एसोसिएशन के साहस की सराहना की। साथ ही प्रदेश की अन्य बार एसोसिएशनों से भी इस तरह का प्रस्ताव पास करने का आह्वान किया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने एसवाईएल को लेकर सबसे लंबी लड़ाई लड़ी है।
1996 में समझौता होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में गए। इसके बाद 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के हक में फैसला दिया। वे प्रदेश में इनेलो की सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री से मिले और पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी।
पंजाब सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की
लेकिन, 2016 में पंजाब सरकार ने एसवाईएल को पाट दिया। अब सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के हक में फैसला दिया है। पंजाब सरकार पानी के बदले खून की नदियां बहा देने की धमकी देती है।
कहा कि वह खून हम लेंगे नहीं और अपने हिस्से का एक बूंद पानी छोड़ेंगे नहीं। उन्होंने प्रदेश सरकार को एसवाईएल के मामले में साथ देने का आश्वासन दिया। पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार यदि सरकार इस मुद्दे पर आगे नहीं आती है तो वे प्रदेश के हिस्से का पानी लेने के लिए अपनी छाती अड़ा देंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश के पानी को रोकती है, तो वे पंजाब के लोगों का दिल्ली में आना-जाना बंद कर देंगे। इसको लेकर 14 नवंबर को कांग्रेस पार्टी की चंडीगढ़ में बैठक है। इसमें एसवाईएल पर अहम फैसले लिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री से 500 और एक हजार के नोटों का चलन बंद करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे फैसले के खिलाफ नहीं हैं। देशहित में इस तरह के फैसले पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इससे पहले केंद्र सरकार को होमवर्क पूरा करना चाहिए था। इसका असर मध्यम, गरीब के साथ ही गृहणियों पर भी पड़ा है। करोड़पति, अरबपति और कॉरपोरेट सेक्टर पर किसी तरह का असर नहीं पड़ता।