Haryana: ग्रुप डी और सी की नौकरी नहीं होगी आसान, बड़े संस्थानों के विशेषज्ञों से तैयार कराए जाएंगे प्रश्नपत्र
हरियाणा में काफी संख्या में युवा सीईटी पास करने के बाद मुख्य परीक्षा देने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पिछले दिनों युवाओं ने सीएम आवास पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात भी की थी। तब मुख्यमंत्री ने संकेत दिए थे कि सरकार मुख्य परीक्षा के लिए सीईटी पास का पैमाना बनाने जा रही है।
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हरियाणा सरकार संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) पास करने वाले सभी अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में बैठाने की तैयारी में है। इसके लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने तैयारी शुरू कर दी है।
इसके अलावा कम पदों के लिए लाखों दावेदारों के आने के चलते अभ्यर्थियों की भीड़ कम करने को एचएसएससी अब हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की तर्ज पर चलेगा। भविष्य में एचएसएससी के तहत होने वाली ग्रुप सी और ग्रुप डी की परीक्षा कठिन होगी। इसके लिए एचपीएससी की तर्ज पर देश के नामी शिक्षण संस्थानों के प्रोफेसर और विशेषज्ञों से प्रश्नपत्र तैयार कराए जाएंगे।
फिलहाल एचएसएससी में पदों के चार गुना अधिक सीईटी पास अभ्यर्थियों को ही मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। इसके पीछे आयोग का तर्क है कि चार गुना अधिक अभ्यर्थियों को बुलाने से भीड़ कम हो जाती है। अगर सरकार ने सीईटी पास का नियम बना दिया तो आयोग एचपीएससी की तर्ज पर दोनों श्रेणियों में कठिन प्रश्नपत्र तैयार कराएगा, ताकि मेरिट हाई न जाए और केवल और केवल तैयारी करने वाले अभ्यर्थी ही परीक्षा पास करके नौकरी के लिए आगे जाएं।
इस बारे में एचएसएससी के अधिकारियों का कहना है कि आयोग एचपीएससी के नियमों का अध्ययन कर रहा है। इसमें कोई दो राय नहीं कि सीईटी पास नियम लागू होने के बाद प्रश्नपत्र कठिन दिया जाएगा।
नौकरी के लिए लाखों युवा दौड़ में
प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए लाखों युवा दौड़ में हैं। ग्रुप डी की सीईटी परीक्षा में 8.54 लाख अभ्यर्थी बैठे थे और 4 लाख 10 हजार युवाओं ने यह परीक्षा पास की है। जबकि ग्रुप डी के कुल पद 13500 हैं। वहीं, ग्रुप सी की सीईटी की बात करें तो परीक्षा में कुल 7,73,572 उम्मीदवार शामिल हुए थे। इनमें से 3 लाख 57 हजार 930 उम्मीदवार पास हुए। ऐसे में इस समय सीईटी पास 7.70 लाख अभ्यर्थी नौकरी की तलाश में हैं। अभ्यर्थियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए आयोग नया फार्मूला अपनाने जा रहा है।
एचपीएससी का फार्मूला
एचपीएससी अब आईआईटी और आईआईएम समेत देश के बड़े नामी संस्थानों के प्रोफेसर और विशेषज्ञों से पेपर तैयार कराता है। यह पेपर पहले के मुकाबले काफी कठिन होता है। इसी का नतीजा है कि आयोग को कई पदों पर योग्य उम्मीदवार ही नहीं मिले और पद खाली रह गए। दूसरा, आयोग ने परीक्षाओं में यह भी शर्त लगा रखी है कि सामान्य वर्ग के लिए परीक्षा में 50 प्रतिशत और आरक्षित श्रेणी के लिए 40 प्रतिशत तक अंक हासिल करने अनिवार्य हैं।