HSGMC: केंद्र ने शुरू की टकराव टालने की कोशिश
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एचएसजीएमसी के गठन से उपजे विवाद के बीच केंद्र सरकार का पूरा जोर अब टकराव टालने पर है। केंद्र सरकार नहीं चाहती कि इस मसले पर कोई आंदोलन (मोर्चा) शुरू हो।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा इस मसले के शांतिपूर्ण हल के लिए जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद पंजाब भाजपा प्रभारी शांता कुमार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से संपर्क साधा।
उन्होंने बादल को आश्वासन दिया कि केंद्र इस मसले के हल के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। एनडीए सरकार एचएसजीपीसी के गठन से संबंधित हरियाणा सरकार की ओर से उठाए गए कदम के बाद पैदा हुई स्थिति को लेकर चिंतित है और क्षेत्र का माहौल बिगड़ने देना नहीं चाहती।
शांता कुमार बोले, मसले के हल के लिए हरसंभव प्रयास
‘अमर उजाला’ से फोन पर हुई बातचीत में शांता कुमार ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री बादल को केंद्र की भावना से अवगत करा दिया है।
उन्होंने बताया कि बीते वीरवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान उन्होंने मौजूदा हालात पर चिंता जताई थी।
शांता कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार को आशंका है कि 27 जुलाई को श्री दरबार साहिब परिसर में विश्व पंथक कांफ्रेंस में धार्मिक मोर्चे के कार्यक्रम और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सीएम पद छोड़ने की घोषणा से क्षेत्र के हालात बिगड़ सकते हैं। इसीलिए केंद्र सरकार की कोशिश है कि किसी मोर्चे की नौबत न आए और मसला इससे पहले ही हल हो जाए।
केंद्र पर भरोसा, सिर्फ मसले का हल चाहिए
इस बारे में मुख्यमंत्री बादल ने कहा है कि उन्हें केंद्र सरकार पर पूरा भरोसा है कि वह सिख पंथ के साथ अन्याय नहीं होने देगी। अकालियों को मोर्चे लगाने का कोई शौक नहीं है, उन्हें तो मसले का हल चाहिए।