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Hindi News ›   Chandigarh ›   HSGMC Issue, Ban on 27 July Conference

नहीं होगी विश्व पंथक कांफ्रेंस, अकाल तख्त ने लगाई रोक

Sat, 26 Jul 2014 09:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 26 Jul 2014 09:49 PM IST
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HSGMC Issue, Ban on 27 July Conference

सहारनपुर की हिंसक घटना को सिख पंथ के लिए एक और संकट करार देते हुए, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने एचएसजीएमसी विवाद अपने हाथ में ले लिया है।

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सिंह ने श्री दरबार साहिब में शिअद व एसजीपीसी की तरफ से रविवार को होने वाली विश्व पंथक कांफ्रेंस और आगामी सोमवार को एचएसजीएमसी (एडहॉक) द्वारा करनाल में आयोजित किए जाने वाले सिख सम्मेलन को रद करने का हुक्मनामा जारी किया। इसे स्वीकार करते हुए शिअद और एसजीपीसी ने विश्व पंथक कांफ्रेंस को रद कर दिया है।
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इस कांफ्रेंस में एचएसजीएमसी के खिलाफ मोर्चे का कार्यक्रम घोषित किया जा था। इस बीच श्री अकाल तख्त साहिब पर दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत के जरिए एचएसजीएमसी विवाद का निपटारा भी होनेे की संभावनाएं नजर आने लगी हैं। ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात में हर सिख चिंतित है। सहारनपुर की घटना ने इस चिंता को और बढ़ाया है।
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सिख कौम के लिए यह चुनौती भरा समय है। ऐसे में टकराव को हर हाल में रोका जाना चाहिए। अब सिंह साहिबान दोनों पक्षों को बैठाकर आपसी बातचीत से हरियाणा की अलग कमेटी के मसले का हल निकालेंगे।

पंजाब के दो वकीलों ने दी चुनौती

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हाल ही में गठित की गई हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी को पंजाब के दो वकीलों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके चुनौती दी है। फतेहगढ़ साहिब के वकील राम सिंह सोमन और वकील हरचंद सिंह बाथ यह याचिका दायर की गई है।

याचिका में कहा गया है कि हरियाणा विधानसभा को कमेटी संबंधी यह बिल पास करने का कोई अधिकार नहीं है। लिहाजा, बनाए गए एक्‍ट को तुरंत रद्द किया जाए और उसके क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाए।

फिलहाल याचिका दायर की गई है। मामले की सुनवाई सोमवार को हो सकती है। याचिका में केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार, पंजाब सरकार, एसजीपीसी, हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी, हिमाचल सरकार और चंडीगए़ प्रशासन को प्रतिवादी बनाया गया है।

शांता कुमार ने बादल से साधा संपर्क

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एचएसजीएमसी के गठन से उपजे विवाद के बीच केंद्र सरकार का पूरा जोर अब टकराव टालने पर है। केंद्र सरकार नहीं चाहती कि इस मसले पर कोई आंदोलन (मोर्चा) शुरू हो।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा इस मसले के शांतिपूर्ण हल के लिए जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद पंजाब भाजपा प्रभारी शांता कुमार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से संपर्क साधा।

उन्होंने बादल को आश्वासन दिया कि केंद्र इस मसले के हल के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। एनडीए सरकार एचएसजीपीसी के गठन से संबंधित हरियाणा सरकार की ओर से उठाए गए कदम के बाद पैदा हुई स्थिति को लेकर चिंतित है और क्षेत्र का माहौल बिगड़ने देना नहीं चाहती।

शांता कुमार बोले, मसले के हल के लिए हरसंभव प्रयास

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‘अमर उजाला’ से फोन पर हुई बातचीत में शांता कुमार ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री बादल को केंद्र की भावना से अवगत करा दिया है।

उन्होंने बताया कि बीते वीरवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान उन्होंने मौजूदा हालात पर चिंता जताई थी।

शांता कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार को आशंका है कि 27 जुलाई को श्री दरबार साहिब परिसर में विश्व पंथक कांफ्रेंस में धार्मिक मोर्चे के कार्यक्रम और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सीएम पद छोड़ने की घोषणा से क्षेत्र के हालात बिगड़ सकते हैं। इसीलिए केंद्र सरकार की कोशिश है कि किसी मोर्चे की नौबत न आए और मसला इससे पहले ही हल हो जाए।

केंद्र पर भरोसा, सिर्फ मसले का हल चाहिए

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इस बारे में मुख्यमंत्री बादल ने कहा है कि उन्हें केंद्र सरकार पर पूरा भरोसा है कि वह सिख पंथ के साथ अन्याय नहीं होने देगी। अकालियों को मोर्चे लगाने का कोई शौक नहीं है, उन्हें तो मसले का हल चाहिए।

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