SGPC अध्यक्ष पर मानहानि का दावा करेंगे HSGMC प्रधान
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एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ा पर एचएचजीएमसी प्रधान जगदीश झींडा ने मानहानि का दावा करने का ऐलान किया है। मामला पंज प्यारों की बर्खास्तगी से जुड़ा है।हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष जत्थेदार जगदीश सिंह झिंडा ने कहा कि पंज प्यारों को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से बर्खास्त किए जाने के मामले में कमेटी हाईकोर्ट में एसजीपीसी प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ और कार्यकारिणी के खिलाफ मानहानि का दावा करेगी। वे मंगलवार को अदालत परिसर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वे संत बलजीत सिंह दादूवाल की सिरसा में हुई पेशी के दौरान अदालत में आए हुए थे। इस अवसर पर स्वर्ण सिंह रतिया, जसवीर सिंह भाटी, जगसीर सिंह गिल, श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार सभा के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह खालसा, गुरजंट सिंह किंगरा, जसबीर सिंह खालसा, सुरैण सिंह खालसा, सुखदेव सिंह कोटली, बलकौर सिंह कालांवाली, प्रकाश सिंह साहुवाला, प्रो. गुरचरण सिंह, मालक सिंह भावदीन, शेरसिंह मैनेजर, युवा प्रधान हरप्रीत सिंह नरूला, जगतार सिंह तारी, गुरमीत सिंह खालसा आदि मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल खुद को पंथ हितैषी कहकर घटिया किस्म की राजनीति कर रहे हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा पंज प्यारों को बर्खास्त किया जाना श्री गुरु गोबिंद सिंह द्वारा बनाए गए सिख धर्म के नियमों की तौहीन है। पंज प्यारों की बहाली के लिए कानून का सहारा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि पंज प्यारों को नियुक्त व बर्खास्त करने का अधिकार कमेटी का है, लेकिन ईसाई धर्म में पोप की नीति व मुस्लिम धर्म में इमाम की नियुक्ति उनकी बनाई गई कमेटी द्वारा की जाती है, लेकिन जब वे अपने पद पर आसीन होते हैं तो वे धर्म में सुप्रीम पावर बन जाते हैं।
उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी को पंज प्यारों की बर्खास्तगी का कोई अधिकार नहीं है और यह अधिकार सिर्फ सरबत खालसा के पास है। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त के जत्थेदार भाई जगतार सिंह हवारा व बलवंत सिंह राजोवाल एक ही केस में जेल में बंद हैं, लेकिन बादल बलवंत सिंह राजोवाल को तो जिंदा शहीद करार देते हैं तथा हवारा के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करता है।
उन्होंने कहा कि बादल को जत्थेदार हवारा, जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल व जत्थेदार ध्यान सिंह मंड को तुरंत रिहा कर ओछी राजनीति से बाज आना चाहिए। इस अवसर पर जत्थेदार झिंडा ने दादूवाल की धर्मपत्नी सुखजीत कौर और उनके पुत्र कुर्बान सिंह को सिरोपा व शॉल देकर सम्मानित किया।