राम रहीम को लेकर झींडा की आपत्तिजनक टिप्पणी
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें ठग तक कह डाला। झींडा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को पंजाब के गवर्नर शिवराज पाटिल से चंडीगढ़ में मिला।
उन्होंने गवर्नर को ज्ञापन सौंपकर पंजाब के जेलों में सजा पूरी करने के बाद भी बंद कैदियों को छुड़वाने की मांग की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में झींडा ने कहा कि ‘मैसेंजर आफ गाड’ फिल्म पर पाबंदी लगाने के लिए उन्होंने गृह मंत्री राजनाथ और सेंसर बोर्ड को भी पत्र लिख दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिल्म लगने पर उसके खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे। झींडा ने कहा कि गुरमीत राम रहीम को खुद को संत नहीं कहना चाहिए। उन्हें संत का चोला छोड़कर फिल्म एक्टर बन जाना चाहिए लेकिन संत का दावा करते हुए एक्टर नहीं बनना चाहिए।
झींडा ने आरोप लगाया कि गुरमीत राम रहीम संत-महात्मा वाले काम नहीं करते हैं। उन पर हत्या, रेप और नपुंसक बनाने के मामले चल रहे हैं। ऐसे में वह संत हो ही नहीं सकते। उन्होंने कहा कि वे धर्म के आधार पर फिल्म बनाकर सिर्फ पैसा कमा रहे हैं।
बादल और मक्कड़ दें शपथ पत्र
झींडा ने कहा कि पंजाब की जेलों में बंद कैदियों को छुड़वाने के लिए वह जल्द ही हाईकोर्ट और संसद में शपथ पत्र दाखिल करेंगे और गारंटी लेंगे कि कैदी जेलों से बाहर आकर शांति बनाए रखेंगे।
झींडा का कहना है कि इस तरह के शपथ पत्र पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ और दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष को भी इस तरह के शपथ देने चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश भर में 120 सिख कैदी हैं, जिनकी सजा पूरी हो चुकी है लेकिन वह जेलों में बंद है। उन्होंने कहा कि पंजाब के गवर्नर को हस्तक्षेप कर कैदियों को छुड़वाने की मांग की गई है। इन कैदियों को छुड़वाने के लिए गुरबख्श सिंह खालसा पिछले 50 दिन से अंबाला में धरने पर हैं।