{"_id":"424c10634f7c6f9bcff827eedff0b33d","slug":"housing-board-service-tax","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाउसिंग बोर्ड पर 9.65 करोड़ सर्विस टैक्स बकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाउसिंग बोर्ड पर 9.65 करोड़ सर्विस टैक्स बकाया
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 24 Dec 2013 02:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्विस टैक्स के डिफाल्टरों को केंद्र सरकार से मिले मौके का फायदा अब चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) भी उठा रहा है। लोगों को नियमों का पाठ पढ़ाने वाला सीएचबी खुद पांच सालों से 9.65 करोड़ रुपये सर्विस टैक्स के दबाकर बैठा था। अब वित्त मंत्रालय की वीसीईएस स्कीम के जरिये सीएचबी अपना सर्विस टैक्स का कर्ज उतारने जा रहा है। इस स्कीम के लिए सीएचबी ने सेंट्रल एक्साइज एंड कस्टम्स, चंडीगढ़ में आवेदन भी जमा करा दिया है।
सोमवार को सेंट्रल एक्साइज एंड कस्टम्स चंडीगढ़ जोन के चीफ कमिश्नर पीएस परुथी ने एक कार्यक्रम में यह खुलासा किया। योजना के तहत विभाग को सर्विस टैक्स पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा और राशि भी दो किश्तों में चुकाई जा सकेगी। परुथी ने बताया कि सीएचबी पर सर्विस टैक्स का 9.65 करोड़ रुपये बकाया है। ये राशि अक्तूबर 2007 से दिसंबर 2012 तक की है। अब सीएचबी इस राशि को दो किश्तों में चुकाएगा और इसका 50 फीसदी 31 दिसंबर तक जमा करवाना होगा। सीएचबी का बकाया चंडीगढ़ और लुधियाना जोन में सबसे अधिक है।
वीसीईएस के फायदे
वित्त मंत्रालय ने मई में वॉलंटरी कंप्लायंस एनकरेजमेंट स्कीम (वीसीईसी) शुरू की थी। अक्तूबर, 2007 से दिसंबर, 2012 तक सर्विस टैक्स न भरने वालों के लिए इस योजना को एक मौके के रूप में पेश किया गया। इसके तहत आवेदक को सर्विस टैक्स भरने पर कोई ब्याज नहीं लगेगा और वे टैक्स को दो किश्तों में भर सकेंगे। कुल राशि का 50 फीसदी 31 दिसंबर, 2013 तक जमा करवाना है और शेष 20 फीसदी राशि 30 जून, 2014 तक। अगर कोई आवेदक 31 दिसंबर तक 50 फीसदी राशि जमा नहीं कराता तो उसका आवेदन रद्द हो जाएगा। जून तक भी राशि न चुकाने वालों को 31 दिसंबर, 2014 तक 18 फीसदी ब्याज के साथ टैक्स भरना पड़ेगा।
विज्ञापन
538 लोगों ने किया आवेदन
इस योजना के लिए चंडीगढ़ और लुधियाना जोन से 538 आवेदन आए। इनमें चंडीगढ़ जोन-1 और 2 के 308 और लुधियाना जोन के 230 आवेदन हैं। इन आवेदन से विभाग को कुल 67.38 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा। 76 आवेदनों से अभी तक 5.52 करोड़ रुपये का राजस्व मिल भी चुका है।
विज्ञापन
सोमवार को सेंट्रल एक्साइज एंड कस्टम्स चंडीगढ़ जोन के चीफ कमिश्नर पीएस परुथी ने एक कार्यक्रम में यह खुलासा किया। योजना के तहत विभाग को सर्विस टैक्स पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा और राशि भी दो किश्तों में चुकाई जा सकेगी। परुथी ने बताया कि सीएचबी पर सर्विस टैक्स का 9.65 करोड़ रुपये बकाया है। ये राशि अक्तूबर 2007 से दिसंबर 2012 तक की है। अब सीएचबी इस राशि को दो किश्तों में चुकाएगा और इसका 50 फीसदी 31 दिसंबर तक जमा करवाना होगा। सीएचबी का बकाया चंडीगढ़ और लुधियाना जोन में सबसे अधिक है।
विज्ञापन
वीसीईएस के फायदे
वित्त मंत्रालय ने मई में वॉलंटरी कंप्लायंस एनकरेजमेंट स्कीम (वीसीईसी) शुरू की थी। अक्तूबर, 2007 से दिसंबर, 2012 तक सर्विस टैक्स न भरने वालों के लिए इस योजना को एक मौके के रूप में पेश किया गया। इसके तहत आवेदक को सर्विस टैक्स भरने पर कोई ब्याज नहीं लगेगा और वे टैक्स को दो किश्तों में भर सकेंगे। कुल राशि का 50 फीसदी 31 दिसंबर, 2013 तक जमा करवाना है और शेष 20 फीसदी राशि 30 जून, 2014 तक। अगर कोई आवेदक 31 दिसंबर तक 50 फीसदी राशि जमा नहीं कराता तो उसका आवेदन रद्द हो जाएगा। जून तक भी राशि न चुकाने वालों को 31 दिसंबर, 2014 तक 18 फीसदी ब्याज के साथ टैक्स भरना पड़ेगा।
विज्ञापन
538 लोगों ने किया आवेदन
इस योजना के लिए चंडीगढ़ और लुधियाना जोन से 538 आवेदन आए। इनमें चंडीगढ़ जोन-1 और 2 के 308 और लुधियाना जोन के 230 आवेदन हैं। इन आवेदन से विभाग को कुल 67.38 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा। 76 आवेदनों से अभी तक 5.52 करोड़ रुपये का राजस्व मिल भी चुका है।