पहल, CHB की इस पॉलिसी से प्रॉपर्टी को ट्रांसफर कराना आसान
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तत्काल स्कीम के तहत सीएचबी के मकानों और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी को ट्रांसफर कराना और सुगम हो जाएगा। हाउसिंग बोर्ड तत्काल स्कीम के तहत प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने की समय सीमा को कम करने पर विचार कर रहा है।
बोर्ड के अनुसार इस समय तत्काल स्कीम के तहत रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी 5 वर्किंग डे में हो जाती है, जिसे तीन दिन में किया जाएगा। साथ ही कॉमर्शियल प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने का समय 7 दिन के बजाय 5 किया जाएगा। हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस के अनुसार तत्काल स्कीम के तहत जिस दिन व्यक्ति आवेदन करता है, उस दिन को भी तत्काल स्कीम के तहत वर्किंग डे में शामिल किया जाएगा।
हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस ने बताया कि तत्काल स्कीम के तहत 560 प्रॉपर्टी ट्रांसफर हो चुकी है। जिसके तहत बोर्ड ने दो करोड़ पांच लाख रुपये की कमाई की है। आठ माह पहले तत्काल स्कीम को लॉन्च किया था। इसके तहत एचआईजी फ्लैट्स का शुल्क 50 हजार, एमआईजी का 40 हजार, एलआईजी का 30 हजार और ईडब्लयूएस फ्लैट्स ट्रांसफर फीस 20 हजार रुपये चार्ज किए जाते हैं।
ग्राउंड कवरेज 70 प्रतिशत से अधिक न हो
सीएचबी के अनुसार अगर कोई अपने मकान के नक्शे की मंजूरी के लिए प्लान बोर्ड में देता है तो वह ध्यान रखे कि प्रपोजल में ग्राउंड एरिया का कवर एरिया 70 प्रतिशत से ज्यादा न हो। साथ ही बहुमंजिला इमारत वाले ब्लॉक में सभी फ्लोर में रहने वाले लोगों की आपस में किसी बदलाव के लिए साझी सहमति होनी चाहिए। बोर्ड के अनुसार अलॉटी ने जितना भी अतिरिक्त निर्माण किया है, उसकी प्लान में मंजूरी के लिए 200 रुपये प्रति स्क्वेयर फीट के हिसाब से राशि साथ में जमा होगी।
मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं है तो भी चिंता की जरूरत नहीं
बोर्ड ने अब उन लोगों के लिए भी मकान ट्रांसफर करना आसान कर दिया है, जिनके पास मकान का अलॉटी (जो मर चुका है) का मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं है। कई बार अलॉटी और उसके लीगल हायर विदेश में मर चुके हैं। इसलिए लोगों की मांग पर अब ट्रांसफर के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र होने की जरूरी शर्त को हटा दिया गया है। बोर्ड के चेयरमैन के अनुसार अब ऐसे मामलों में आवेदन और दो अन्य लोगों के शपथ पत्र जमा करना होगा। अन्य दो लोग मृतक के रिश्तेदार और जानने वाले भी हो सकते हैं।
नक्शे जमा कराने वालों को भी बोर्ड भेज रहा है नोटिस
उधर जिन लोगों ने अपने सीएचबी के मकानों में बदलाव करने के बाद अपने नक्शे भी जमा कराए हुए हैं, सीएचबी की ओर से उन्हें भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इस मामले में शुक्रवार को भाजपा के महासचिव एवं बोर्ड के सदस्य प्रेम कौशिक ने चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस के साथ बैठक की। जिसमें कौशिक ने चेयरमैन को कहा कि नक्शे जमा कराने के नोटिस भेजने से लोग परेशान हैं।
इस पर चेयरमैन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसा नहीं किया जाएगा। मालूम हो कि इस समय बोर्ड के पास कई मकानों के नक्शे ऐेसे हैं जो मंजूर होने के लिए दो दो साल से पड़े हैं। इसके बाद चेयरमैन से इस मुद्दे पर बैठक की।
कौशिक ने चेयरमैन से यह भी कहा कि अगर किसी रिहायशी इलाके की एक गली में लोगों ने एक जैसे बदलाव किए हैं तो उसे जरूरत के अनुसार बदलाव की शर्त में शामिल किया जाए। इसमें सुनिश्चित किया जाए कि वायलेशन सरकारी जमीन पर न हो। कौशिक ने चेयरमैन को यह भी कहा कि सीएचबी अपनी कॉलोनियों से फड़ी और खोखा लगाने वालों को हटा रहा है। लेकिन शहर में स्ट्रीट वेंडर एक्ट लागू हो चुका है। ऐसे में जब तक सर्वे नहीं हो जाता तब तक कार्रवाई न की जाए।
बोर्ड की बैठक चौथी बार स्थगित
शुक्रवार को सीएचबी बोर्ड की बैठक चौथी बार स्थगित हो गई। इससे पहले तीन बार बैठक स्थगित हो चुकी है। अब 17 जून को बैठक बुलाई गई है। इसमें सिटीजन चार्टर पर मोहर लगानी है। चार्टर का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। बोर्ड के अनुसार चार्टर को तैयार करने के कारण ही बैठक बार बार स्थगित हो रही है।