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होटल, मॉल तक खुल गए, अब पीयू की कैंटीनें भी खोल दें
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चंडीगढ़। कोरोना के केस भले ही पूरे देश में बढ़ रहे हों, लेकिन देश भी अब दौड़ने लगा है। हर कार्य हो रहे हैं। मॉल आदि भी खुल गए हैं। ऐसे में कई शिक्षकों ने कहा है कि पीयू को भी ऐसी चीजों का संचालन शुरू करना चाहिए जिनकी जरूरत है। उन्होंने कुछ कैंटीन खोलने को कहा है ताकि खाना, चाय आदि की समस्याएं दूर हो सकें। कैंटीन संचालकों ने भी शिक्षकों को यह बात कही है।
पीयू में शिक्षण कार्य नहीं हो रहा है। सभी विद्यार्थी अपने घरों पर हैं। शिक्षक अपने रिसर्च वर्क आदि के लिए विभागों में जा रहे हैं। कुछ शिक्षक ऐसे हैं जिनको खुद ही खाना आदि बनाना पड़ रहा है। काम के साथ घर का यह काम बड़ा कठिन लग रहा है। उनका तर्क है कि अब होटल आदि भी शहर में खुल गए हैं। ऐसे में पीयू की कुछ कैंटीन शिक्षकों के लिए खोल देनी चाहिए ताकि उन्हें खाना आदि मिल सके। कई कर्मचारियों ने भी यह मांग की है।
उनका कहना है कि हर व्यक्ति कोरोना के प्रति जागरूक हो चुका है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वह कैंटीन पर खाना आदि ले जा सकेंगे। यदि कैंटीन पर खाना नहीं खाने दिया जाता है तो उसकी पैकिंग की व्यवस्था की जा सकती है जो घर पर पहुंच सकता है। शिक्षकों का कहना है कि पीयू कैंपस से बाहर से कोई खाना मंगवाता है तो वह अधिक सुरक्षित नहीं है। ऐसे में भले ही एक या दो ही कैंटीन खुलें लेकिन अनुमति दी जानी चाहिए।
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पीयू में शिक्षण कार्य नहीं हो रहा है। सभी विद्यार्थी अपने घरों पर हैं। शिक्षक अपने रिसर्च वर्क आदि के लिए विभागों में जा रहे हैं। कुछ शिक्षक ऐसे हैं जिनको खुद ही खाना आदि बनाना पड़ रहा है। काम के साथ घर का यह काम बड़ा कठिन लग रहा है। उनका तर्क है कि अब होटल आदि भी शहर में खुल गए हैं। ऐसे में पीयू की कुछ कैंटीन शिक्षकों के लिए खोल देनी चाहिए ताकि उन्हें खाना आदि मिल सके। कई कर्मचारियों ने भी यह मांग की है।
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उनका कहना है कि हर व्यक्ति कोरोना के प्रति जागरूक हो चुका है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वह कैंटीन पर खाना आदि ले जा सकेंगे। यदि कैंटीन पर खाना नहीं खाने दिया जाता है तो उसकी पैकिंग की व्यवस्था की जा सकती है जो घर पर पहुंच सकता है। शिक्षकों का कहना है कि पीयू कैंपस से बाहर से कोई खाना मंगवाता है तो वह अधिक सुरक्षित नहीं है। ऐसे में भले ही एक या दो ही कैंटीन खुलें लेकिन अनुमति दी जानी चाहिए।
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