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Chandigarh: अब प्रतिदिन 30 टन तक बागवानी का कचरा होगा निस्तारित, प्रशासक ने किया प्लांट का उद्घाटन
Tue, 10 Jan 2023 12:15 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 10 Jan 2023 12:15 PM IST
सार
पतझड़ और बारिश के मौसम में बागवानी का कचरा निस्तारित करना निगम के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। निगम के पास इतने पिट नहीं हैं कि वह पत्तों से खाद बना सके, वहीं बारिश में टूटने वाली लकड़ियों को सूखने तक मौके से भी नहीं उठा सकता है।
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बागवानी कचरा निस्तारण प्लांट का उद्घाटन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ में बागवानी का कचरा निस्तारण करना बड़ी मुश्किल थी। मंगलवार को नगर निगम की ओर से स्थापित किए गए बागवानी के कचरे को निस्तारण करने वाली मशीनें शुरू कर दी गईं। यह मशीनें प्रतिदिन 30 टन तक कचरा निस्तारण कर सकेंगी। प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित, सांसद किरण खेर और मेयर सरबजीत कौर ने इस प्लांट का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल और गृह सचिव नितिन यादव मौजूद रहे।
पतझड़ और बारिश के मौसम में बागवानी का कचरा निस्तारित करना निगम के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। निगम के पास इतने पिट नहीं हैं कि वह पत्तों से खाद बना सके, वहीं बारिश में टूटने वाली लकड़ियों को सूखने तक मौके से भी नहीं उठा सकता है। कई बार पत्तों के निस्तारण के लिए कर्मचारियों ने उनमें आग लगा दी तो कई बार पटियाला की राव में फेंकने का प्रयास किया। हर बार लोगों ने इसका विराध भी किया। इस मामले में मोहाली की तरफ से भी निगम को पत्र लिखकर इस संबंध में अवगत कराया गया। इसे लेकर निगम ने कई योजनाएं बनाईं, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद मुंबई की तर्ज पर निगम ने इस प्लांट को लगाया है। इसमें प्रतिदिन 30 टन तक कचरा निस्तारित होगा। अधिकारियों के अनुसार सामान्य दिनों में शहर में 10 टन तक प्रतिदिन बागवानी का कचरा निकलता है। मानसून और पतझड़ में यह आंकड़ा 30 से 35 तक पहुंच जाता है।
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पतझड़ और बारिश के मौसम में बागवानी का कचरा निस्तारित करना निगम के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। निगम के पास इतने पिट नहीं हैं कि वह पत्तों से खाद बना सके, वहीं बारिश में टूटने वाली लकड़ियों को सूखने तक मौके से भी नहीं उठा सकता है। कई बार पत्तों के निस्तारण के लिए कर्मचारियों ने उनमें आग लगा दी तो कई बार पटियाला की राव में फेंकने का प्रयास किया। हर बार लोगों ने इसका विराध भी किया। इस मामले में मोहाली की तरफ से भी निगम को पत्र लिखकर इस संबंध में अवगत कराया गया। इसे लेकर निगम ने कई योजनाएं बनाईं, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद मुंबई की तर्ज पर निगम ने इस प्लांट को लगाया है। इसमें प्रतिदिन 30 टन तक कचरा निस्तारित होगा। अधिकारियों के अनुसार सामान्य दिनों में शहर में 10 टन तक प्रतिदिन बागवानी का कचरा निकलता है। मानसून और पतझड़ में यह आंकड़ा 30 से 35 तक पहुंच जाता है।
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