{"_id":"b19bd398571c8a59cc5638a3bdd5251b","slug":"horticulture-exhibition-on-20-feb","type":"story","status":"publish","title_hn":"हॉर्टीकल्चर एग्जीबिशन देखती है तो आएं फेयर ग्राउंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हॉर्टीकल्चर एग्जीबिशन देखती है तो आएं फेयर ग्राउंड
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 30 Jan 2014 04:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश में खेती आधुनिक तरीके से की जाती है। इसके लिए वहां पर्याप्त साधन भी मुहैया करवाए जाते हैं। लेकिन, देश में किसान पूरी मेहन से खेती करते हैं। पर, पर्याप्त उत्पादन नहीं होता है।
किसान तकनीति खेती करके कैसे उत्पादन बढ़ाएं। इस संबंध में इंडियन फ्लावर एंड ओरनामेंटल प्लांट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आईफ्लोरा) अब चंडीगढ़ में 20 से 22 फरवरी तक एग्जिबिशन लगाएगा।
इसका आयोजन सेक्टर-34 के फेयर ग्राउंड में होगा। सेक्टर-17 के होटल में प्रेस कांफ्रेंस में आईफ्लोरा के प्रेसिडेंट एस जफर नकवी ने यह बात कही।
उन्होंने बताया एग्जिबिशन में 17 देशों के कृषि विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। जफर ने फूलों की खेती के बारे में बताया की आमतौर पर किसान अपनी फसल डीलर के हाथों बेच देते हैं।
विज्ञापन
डीलर उन्हें मनमाने दाम पर व्यापारियों को बेच देता है। उन्होंने कहा हम चाहते है की इस एग्जिबिशन में किसान सीधे व्यापारियों से मिले। पानी संरक्षण के लिए विदेशी तकनीक बेहद आसान और बेहतर है।
हॉलैंड और इटली की कंपनी ने इस दिशा में अच्छा काम किया है, जिसकी तकनीक किसानों को भी जानने को मिलेगी। फलों और सब्जियों के लिए पर्याप्त तापमान जरूरी है।
किसान अक्सर तापमान कम या ज्यादा हो जाने से सही उत्पादन नहीं ले पाते हैं। कुछ खास तकनीक से तापमान को कंट्रोल किया जा सकता है, जिससे फसल खराब नहीं होती है।
विज्ञापन
किसान तकनीति खेती करके कैसे उत्पादन बढ़ाएं। इस संबंध में इंडियन फ्लावर एंड ओरनामेंटल प्लांट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आईफ्लोरा) अब चंडीगढ़ में 20 से 22 फरवरी तक एग्जिबिशन लगाएगा।
विज्ञापन
इसका आयोजन सेक्टर-34 के फेयर ग्राउंड में होगा। सेक्टर-17 के होटल में प्रेस कांफ्रेंस में आईफ्लोरा के प्रेसिडेंट एस जफर नकवी ने यह बात कही।
उन्होंने बताया एग्जिबिशन में 17 देशों के कृषि विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। जफर ने फूलों की खेती के बारे में बताया की आमतौर पर किसान अपनी फसल डीलर के हाथों बेच देते हैं।
विज्ञापन
डीलर उन्हें मनमाने दाम पर व्यापारियों को बेच देता है। उन्होंने कहा हम चाहते है की इस एग्जिबिशन में किसान सीधे व्यापारियों से मिले। पानी संरक्षण के लिए विदेशी तकनीक बेहद आसान और बेहतर है।
हॉलैंड और इटली की कंपनी ने इस दिशा में अच्छा काम किया है, जिसकी तकनीक किसानों को भी जानने को मिलेगी। फलों और सब्जियों के लिए पर्याप्त तापमान जरूरी है।
किसान अक्सर तापमान कम या ज्यादा हो जाने से सही उत्पादन नहीं ले पाते हैं। कुछ खास तकनीक से तापमान को कंट्रोल किया जा सकता है, जिससे फसल खराब नहीं होती है।