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Hindi News ›   Chandigarh ›   Hookah bars banned in Chandigarh, three-year sentence for violation

Chandigarh News: चंडीगढ़ में हुक्का बार पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर तीन साल की सजा

Sat, 27 May 2023 01:00 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 27 May 2023 01:00 AM IST
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Hookah bars banned in Chandigarh, three-year sentence for violation
चंडीगढ़। शहर में हुक्का बार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यूटी प्रशासन ने शुक्रवार को गृह मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी किए जाने के बाद यह प्रतिबंध लागू किया है। इसके तहत चंडीगढ़ में हुक्का परोसना या पीना कानून का उल्लंघन माना जाएगा। अब कोई भी व्यक्ति खुद या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से कोई भी हुक्का बार नहीं खोलेगा या चलाएगा। अधिसूचना के उल्लंघन पर दोषी को 3 साल की सजा और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना देना होगा। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि भारत सरकार ने 15 मई 2023 की गजट अधिसूचना में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों (व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण के विज्ञापन और विनियमन का निषेध) (पंजाब संशोधन) विधेयक 2018 को केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ तक बढ़ा दिया है। अब तक चंडीगढ़ इसके दायरे से बाहर था जिस वजह से प्रशासन को धारा 144 के तहत कार्रवाई करनी पड़ती थी। दो-दो महीने के लिए अधिसूचना जारी होती थी लेकिन अब इसे पूर्ण रूप से लागू कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि इसके प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभाव पर काबू पाया जा सके।
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फ्लेवर के भ्रम में लेते हैं कश
रेस्तरां, बार, कैफे और होटलों में उपलब्ध हुक्का सेब, मिंट, चेरी, चॉकलेट, नारियल, मुलेठी, कैपचिनो और तरबूज के फ्लेवर में उपलब्ध रहता है। फ्लेवर के चक्कर में आकर जो इन्हें नहीं पीता, वह भी इसे पीने लगता है। फ्लेवर के अलावा हुक्के में तंबाकू भी होता है। पानी से गुजरते हुए इसका धुआं टॉक्सिक तत्वों की अत्यधिक मात्रा पैदा करता है जिससे कैंसर का खतरा बढ़ता है।
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कई रोगों को जन्म देता है हुक्का
हुक्के से शरीर के अंदर अधिक धुआं जाता है, क्योंकि इसका पाइप चौड़ा होता है। इसमें ज्यादा बार और गहरा कश लगाया जाता है। लिहाजा हुक्का पीने वाले टॉक्सिन की ज्यादा मात्रा अपने अंदर खींचते हैं। सिगरेट पीने की तरह ही हुक्के का सेवन भी हृदय रोग, फेफड़े का कैंसर, मुंह का कैंसर, गर्भधारण से जुड़ी दिक्कतें और अन्य वैस्कुलर संबंधी रोगों का खतरा बढ़ाता है।
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ये खतरनाक रसायन होते हैं इसमें
पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. सोनू गोयल ने बताया कि हुक्के में में एसीटोन, अमोनिया, नैफ्थेलैमिन, मैथोनॉल, पाइरीन, डाई मैथिल, नाइट्रो सैमीन, नैफ्थैलीन, केडमियम, कार्बन डाइमोनो आक्साइड, बेंजोपाइरीन, वाइनिल क्लोराइड, हाइड्रोजन साइनायड, टोल्यूडिन, युरेथैन, फिनोल समेत 40 से अधिक रसायन होते हैं। इनसे कैंसर और अन्य जानलेवा बीमारी होने की आशंका प्रबल होती है। इससे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, लंग्स कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, हृदय रोग हो जाते हैं। हुक्के से हल्का सा भी कश लगाने पर धुआं सीधे फेफड़े तक पहुंचता है।

यह तंबाकू निषेध पर काम करने वाले चंडीगढ़ के हर व्यक्ति की जीत की शुरुआत है। सरकार ने एक ठोस कदम उठाया है। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार की ओ्रर से तंबाकू पर भी पूरी तरह निषेध का आदेश जल्द ही लागू किया जाएगा।

-डॉ. राकेश गुप्ता, अध्यक्ष स्ट्रैटिजिक इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च
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