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Chandigarh News: बढ़ सकती हैं गृह सचिव प्रसाद की मुशिकलें, एससी आयोग ने सरकार से मांगा जवाब
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-गृह सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े आईपीएस वाई पूरण कुमार
-सरकार ने बनाई है तीन रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों की जांच कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के गृह सचिव टीवीएसएन प्रसाद की मुशिकलें बढ़ सकती हैं। आईपीएस वाई पूरण कुमार की शिकायत के बाद हरियाणा सरकार ने तीन रिटायर्ड आईएएस की कमेटी बनाई है, लेकिन शिकायतकर्ता इससे संतुष्ट नहीं है। गृह सचिव पर एफआईआर पर देरी होने पर आईपीएस अधिकारी ने दोबारा से एससी एसटी आयोग के पास अपनी शिकायत दी है। आयोग ने इस संबंध में मुख्य सचिव से 10 दिन में जवाब तलब किया है। आईपीएस अधिकारी ने गृह सचिव के खिलाफ अलग अलग तीन शिकायतें मुख्य सचिव को की हुई हैं। शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद आईपीएस अधिकारी ने एससी एसटी आयोग की शरण ली। आयोग ने 8 फरवरी को मुख्य सचिव से 15 दिन में मांगा तो कानूनी राय के बाद उसी दिन जांच के लिए तीन रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों की कमेटी बना दी गई। इनमें राजन गुप्ता, नवराज संधू और पीके दास शामिल हैं। इसके बाद वाई पूरण कुमार ने आयोग को शिकायत दी है कि एफआईआर दर्ज करने की बजाए सरकार फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बना दी। आयोग ने इस पर संज्ञान लिया है और मुख्य सचिव से 10 दिन में जवाब मांगा है। गौर हो कि आईपीएस के आरोप हैं कि गृह सचिव टीवी एसएन प्रसाद ने उनको सात माह तक आईजी होम गार्ड ऐसे पद पर तैनात रखा, जो सृजित ही नहीं है। ऐसा करके उनको अपमानित किया गया। इससे पहले, पूर्व डीजीपी पीके अग्रवाल और पूर्व डीजीपी मनोज यादव ने भी उनको प्रताड़ित किया है। गौर हो कि गृह सचिव के खिलाफ आईपीएस अधिकारी राजेंद्र मीणा ने भी शिकायत कर रखी है।
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-सरकार ने बनाई है तीन रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों की जांच कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के गृह सचिव टीवीएसएन प्रसाद की मुशिकलें बढ़ सकती हैं। आईपीएस वाई पूरण कुमार की शिकायत के बाद हरियाणा सरकार ने तीन रिटायर्ड आईएएस की कमेटी बनाई है, लेकिन शिकायतकर्ता इससे संतुष्ट नहीं है। गृह सचिव पर एफआईआर पर देरी होने पर आईपीएस अधिकारी ने दोबारा से एससी एसटी आयोग के पास अपनी शिकायत दी है। आयोग ने इस संबंध में मुख्य सचिव से 10 दिन में जवाब तलब किया है। आईपीएस अधिकारी ने गृह सचिव के खिलाफ अलग अलग तीन शिकायतें मुख्य सचिव को की हुई हैं। शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद आईपीएस अधिकारी ने एससी एसटी आयोग की शरण ली। आयोग ने 8 फरवरी को मुख्य सचिव से 15 दिन में मांगा तो कानूनी राय के बाद उसी दिन जांच के लिए तीन रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों की कमेटी बना दी गई। इनमें राजन गुप्ता, नवराज संधू और पीके दास शामिल हैं। इसके बाद वाई पूरण कुमार ने आयोग को शिकायत दी है कि एफआईआर दर्ज करने की बजाए सरकार फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बना दी। आयोग ने इस पर संज्ञान लिया है और मुख्य सचिव से 10 दिन में जवाब मांगा है। गौर हो कि आईपीएस के आरोप हैं कि गृह सचिव टीवी एसएन प्रसाद ने उनको सात माह तक आईजी होम गार्ड ऐसे पद पर तैनात रखा, जो सृजित ही नहीं है। ऐसा करके उनको अपमानित किया गया। इससे पहले, पूर्व डीजीपी पीके अग्रवाल और पूर्व डीजीपी मनोज यादव ने भी उनको प्रताड़ित किया है। गौर हो कि गृह सचिव के खिलाफ आईपीएस अधिकारी राजेंद्र मीणा ने भी शिकायत कर रखी है।