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श्री अकाल तख्त पहुंचे दोनों ट्रस्टी, प्रकाशित 35 स्वरूप और प्रिंटिंग मशीनरी गुरुद्वारा साहिबान में दी
Wed, 26 Aug 2020 10:25 AM IST
खुशबू गोयल
अशोक नीर, अमृतसर
अशोक नीर, अमृतसर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 26 Aug 2020 10:25 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कनाडा के एक ट्रस्ट के दो ट्रस्टियों द्वारा प्रकाशित किए श्री गुरु गंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों पर पांच सिंह द्वारा गंभीर नोटिस लिया गया था। जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने दोनों ट्रस्टियों रिपुदमन सिंह व बलवंत सिंह पंधेर को इस मामले में एक महीने के भीतर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए गए थे। 24 घंटे के भीतर दोनों ट्रस्टी श्री अकाल तख्त साहिब के आगे नतमस्तक हो गए।
मंगलवार को ट्रस्टी रिपुदमन सिंह व बलवंत सिंह ने प्रकाशित किए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 35 पावन स्वरूपों और प्रिंटिंग मशीनरी को गुरु नानक सिख गुरुद्वारा सरी, ब्रिटिश कोलंबिया (बीसी) के प्रबंधन को सौंप दिया। गुरुद्वारा प्रबंधन ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश अनुसार इन पावन स्वरूपों का निरीक्षण पंज प्यारों से करवाने और उनके द्वारा दी गई रिपोर्ट के बाद ही रसीद देने का फैसला लिया है।
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मंगलवार को ट्रस्टी रिपुदमन सिंह व बलवंत सिंह ने प्रकाशित किए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 35 पावन स्वरूपों और प्रिंटिंग मशीनरी को गुरु नानक सिख गुरुद्वारा सरी, ब्रिटिश कोलंबिया (बीसी) के प्रबंधन को सौंप दिया। गुरुद्वारा प्रबंधन ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश अनुसार इन पावन स्वरूपों का निरीक्षण पंज प्यारों से करवाने और उनके द्वारा दी गई रिपोर्ट के बाद ही रसीद देने का फैसला लिया है।
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धार्मिक मामले में फंसाए जाने की आशंका
रिपुदमन सिंह मलिक ने बताया कि उन्हें आशंका है कि कुछ शरारती तत्व पावन स्वरूपों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें एक संगीन धार्मिक मामले में फंसा सकते हैं। वह नहीं चाहते कि पावन स्वरूपों की बेअदबी हो। इसलिए उन्होंने गुरुनानक सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को इस मामले को पांच सिंह साहिबान को सौंपने की मांग की थी। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को 35 पावन स्वरूप सौंप दिए हैं।
पावन स्वरूपों को सौंपने की रसीद उन्हें तब मिलेगी जब पंज प्यारे इनकी जांच कर लेंगे। रिपुदमन सिंह के अनुसार उन्होंने एक अगस्त, 2020 से पावन स्वरूपों की छपाई बंद कर दी थी। पावन स्वरूपों के साथ छपाई के लिए उपयोग की जाने वाली मशीनरी व अन्य सामान भी गुरुद्वारा प्रबंधन को सौंप दिया है। वह एक पत्र श्री अकाल तख्त को लिख कर सारी जानकारी देंगे।
पावन स्वरूपों को सौंपने की रसीद उन्हें तब मिलेगी जब पंज प्यारे इनकी जांच कर लेंगे। रिपुदमन सिंह के अनुसार उन्होंने एक अगस्त, 2020 से पावन स्वरूपों की छपाई बंद कर दी थी। पावन स्वरूपों के साथ छपाई के लिए उपयोग की जाने वाली मशीनरी व अन्य सामान भी गुरुद्वारा प्रबंधन को सौंप दिया है। वह एक पत्र श्री अकाल तख्त को लिख कर सारी जानकारी देंगे।
सिख संगत में भारी रोष व्याप्त
बता दें कि रिपुदमन सिंह और बलवंत सिंह द्वारा प्रकाशित किए गए पावन स्वरूपों के मुद्दे पर कनाडा की सिख संगत में भारी रोष व्याप्त था। कनाडा के सभी गुरुद्वारा साहिब के साथ तालमेल के लिए गठित ब्रिटिश कोलंबिया गुरुद्वारा काउंसिल ने सतनाम ट्रस्ट के दो ट्रस्टियों रिपुदमन सिंह मलिक व बलवंत सिंह पंधेर को सरी स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक सिख गुरुद्वारा में प्रकाशित किए गए सभी पावन स्वरूप व प्रकाशित करने की सारी सामग्री 22 अगस्त शाम चार बजे तक पहुंचाने के निर्देश दिए थे।
रविवार को काउंसिल द्वारा नियुक्त पंज प्यारे ट्रस्टियों से मिले और उन्हें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाशित सभी पावन स्वरूप और प्रकाशन के दौरान प्रयोग किया सारा सामान गुरु नानक सिख गुरुद्वारा साहिब सरी डेल्टा में पहुंचाने के आदेश दिए। दोनों ट्रस्टियों ने पंज प्यारों के आदेश स्वीकार करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद पंज प्यारों ने दोनों ट्रस्टियों के बहिष्कार की घोषणा कर दी थी।
रविवार को काउंसिल द्वारा नियुक्त पंज प्यारे ट्रस्टियों से मिले और उन्हें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाशित सभी पावन स्वरूप और प्रकाशन के दौरान प्रयोग किया सारा सामान गुरु नानक सिख गुरुद्वारा साहिब सरी डेल्टा में पहुंचाने के आदेश दिए। दोनों ट्रस्टियों ने पंज प्यारों के आदेश स्वीकार करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद पंज प्यारों ने दोनों ट्रस्टियों के बहिष्कार की घोषणा कर दी थी।