{"_id":"683626b9f2251cd32c0769b4","slug":"holding-simultaneous-elections-is-a-visionary-step-chandigarh-news-c-16-pkl1043-721662-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: एक साथ चुनाव कराना दूरदर्शी कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: एक साथ चुनाव कराना दूरदर्शी कदम
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (चंडीगढ़) की बार एसोसिएशन की तरफ से वन नेशन, वन इलेक्शन (ओएनओई) विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ओएनओई की सह-संयोजक एडवोकेट रुचि सेखरी के स्वागत भाषण से हुई।
मुख्य वक्ता बीसीपीएच के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट लेखराज शर्मा रहे। उन्होंने संबोधन में संवैधानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से वन नेशन, वन इलेक्शन की आवश्यकता और लाभ पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि बार-बार चुनावों से देश के संसाधनों पर भारी बोझ पड़ता है और इससे नीति निर्धारण में बाधा आती है। एक साथ चुनाव कराना दूरदर्शी कदम होगा, जिससे शासन व्यवस्था अधिक स्थिर और प्रभावी बन सकेगी। दूसरे मुख्य वक्ता पूर्व पुलिस महानिदेशक हरियाणा गुरजोत सिंह ने प्रशासनिक और कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से विषय पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय पर चुनाव कराने से सुरक्षाबलों और प्रशासनिक अमले पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। यदि चुनाव एक साथ कराए जाएं तो यह व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकती है। संगोष्ठी का संयोजन एडवोकेट पंकज कंसल ने किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में एडवोकेट ऋषभ मिश्रा और एडवोकेट अजय शर्मा ने भी भूमिका निभाई। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट बृजेश मित्तल ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (चंडीगढ़) की बार एसोसिएशन की तरफ से वन नेशन, वन इलेक्शन (ओएनओई) विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ओएनओई की सह-संयोजक एडवोकेट रुचि सेखरी के स्वागत भाषण से हुई।
मुख्य वक्ता बीसीपीएच के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट लेखराज शर्मा रहे। उन्होंने संबोधन में संवैधानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से वन नेशन, वन इलेक्शन की आवश्यकता और लाभ पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बार-बार चुनावों से देश के संसाधनों पर भारी बोझ पड़ता है और इससे नीति निर्धारण में बाधा आती है। एक साथ चुनाव कराना दूरदर्शी कदम होगा, जिससे शासन व्यवस्था अधिक स्थिर और प्रभावी बन सकेगी। दूसरे मुख्य वक्ता पूर्व पुलिस महानिदेशक हरियाणा गुरजोत सिंह ने प्रशासनिक और कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से विषय पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय पर चुनाव कराने से सुरक्षाबलों और प्रशासनिक अमले पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। यदि चुनाव एक साथ कराए जाएं तो यह व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकती है। संगोष्ठी का संयोजन एडवोकेट पंकज कंसल ने किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में एडवोकेट ऋषभ मिश्रा और एडवोकेट अजय शर्मा ने भी भूमिका निभाई। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट बृजेश मित्तल ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
विज्ञापन