{"_id":"a83d37a75dbb2c6f2462a358846acc32","slug":"hjsgpc-bill-unconstitutional-sad","type":"story","status":"publish","title_hn":"एचएसजीपीसी बिल असंवैधानिक: शिअद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एचएसजीपीसी बिल असंवैधानिक: शिअद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 12 Jul 2014 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिरोमणि अकाली दल ने हरियाणा के लिए अलग एसजीपीसी बिल को गैर संवैधानिक व अवैध करार दिया है। हरियाणा विधानसभा में अलग एसजीपीसी से संबंधित बिल पारित होने के बाद यहां जारी एक बयान में शिअद प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि इस कानून को पास करवाने का समय ही इसके छिपे हितों को बयान करता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार यह भली-भांति जानती है कि राष्ट्रपति से इस बिल को मंजूरी नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि हुड्डा ने गत दस वर्षों से सिखों को अलग कमेटी के नाम पर विभाजित करने की चालें चली हैं और अब आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की संभावित हार को देखते हुए यह राजनीतिक ड्रामा रच रहे हैं।
विज्ञापन
डॉ. चीमा ने कहा कि हरियाणा द्वारा अलग एसजीपीसी का पास किया कानून कांग्रेस के कफन में अंतिम कील साबित होगा और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था में हरियाणा विधानसभा कोई ऐसा बिल पास नहीं कर सकती, जो कि केंद्रीय कानून की भावना के खिलाफ हो।
विज्ञापन
इस संबंधी उन्होंने ‘दि पंजाब पुन: संगठन कानून, 1966’ की धारा 72 का हवाला देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार ऐसा कोई कदम नहीं उठा सकती।
डॉ. चीमा ने कहा कि हरियाणा के मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ‘पंजाब पुनर्गठन कानून, 1966’ की धारा 72 का गलत हवाला देकर पूरे सदन को गुमराह किया। भारतीय संविघान की धारा 254 के तहित कोई भी विधानसभा केंद्रीय कानून के खिलाफ नया कानून नहीं बना सकती।