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एचआईवी पीड़िताओं को सम्मान दिलाएगा एड्सकॉन
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 01 Dec 2013 12:15 PM IST
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जीएमसीएच-32 में आयोजित एड्सकॉन में एचआईवी पाजिटिव महिलाओं की ओर से बनाए गए रिसाइकिल सामान को खरीदने में लोगों ने काफी दिलचस्पी दिखाई।
एड्सकॉन के स्टाल में रखी गईं डायरी, पैड और फाइल कवर को काफी संख्या में लोगों ने खरीदा। ये सभी सामान पीड़ित महिलाओं ने आनंदपुर साहिब के रिसाइकिल प्लांट में बनाए थे।
इन सामान को बेचने से जो भी कमाई होती है, उससे प्लांट में काम करने वाली महिलाएं अपना घर चलाती हैं। चंडीगढ़ में इन सामान को बेचने की जिम्मेदारी पीयू के सेंट्रल फॉर सोशल वर्क की दो स्टूडेंट आकृति नेगी और शिवी रैना ने संभाली है।
एड्सकॉन में दोनों ही स्टूडेंट्स ने इसके साथ लोगों को एड्स के प्रति जागरूक किया। आकृति और नेगी के मुताबिक प्लांट में काम करने वाली कोई भी महिला सेक्स वर्कर नहीं है।
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दोनों स्टूडेंट ने बताया कि एचआईवी से ग्रसित महिलाओं के लिए जीवन यापन करना काफी मुश्किल होता है। समाज और परिवार दोनों ही इनसे मुंह मोड़ लेते हैं।
समाज को लगता है कि उनके साथ रहने, उनसे घुलने मिलने से वे भी एचआईवी की चपेट में आ जाएंगे जबकि ऐसा नहीं होता।
उन्होंने बताया कि जब उन्हें पता चला कि ऐसे मरीजों के साथ सोसाइटी बहुत बुरा बर्ताव करती हैं तो दोनों ने उनके लिए कुछ करने की ठानी।
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एड्सकॉन के स्टाल में रखी गईं डायरी, पैड और फाइल कवर को काफी संख्या में लोगों ने खरीदा। ये सभी सामान पीड़ित महिलाओं ने आनंदपुर साहिब के रिसाइकिल प्लांट में बनाए थे।
इन सामान को बेचने से जो भी कमाई होती है, उससे प्लांट में काम करने वाली महिलाएं अपना घर चलाती हैं। चंडीगढ़ में इन सामान को बेचने की जिम्मेदारी पीयू के सेंट्रल फॉर सोशल वर्क की दो स्टूडेंट आकृति नेगी और शिवी रैना ने संभाली है।
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एड्सकॉन में दोनों ही स्टूडेंट्स ने इसके साथ लोगों को एड्स के प्रति जागरूक किया। आकृति और नेगी के मुताबिक प्लांट में काम करने वाली कोई भी महिला सेक्स वर्कर नहीं है।
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दोनों स्टूडेंट ने बताया कि एचआईवी से ग्रसित महिलाओं के लिए जीवन यापन करना काफी मुश्किल होता है। समाज और परिवार दोनों ही इनसे मुंह मोड़ लेते हैं।
समाज को लगता है कि उनके साथ रहने, उनसे घुलने मिलने से वे भी एचआईवी की चपेट में आ जाएंगे जबकि ऐसा नहीं होता।
उन्होंने बताया कि जब उन्हें पता चला कि ऐसे मरीजों के साथ सोसाइटी बहुत बुरा बर्ताव करती हैं तो दोनों ने उनके लिए कुछ करने की ठानी।