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चंडीगढ़: 20 माह में 19 पेशी, अवैध पीजी में अग्निकांड की भेंट चढ़ी हिसार की मुस्कान को आज भी इंसाफ का इंतजार

Sat, 23 Oct 2021 11:26 AM IST
प्रमोद कुमार सीमा एस आनंद, अमर उजाला, चंडीगढ़
सीमा एस आनंद, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: प्रमोद कुमार Updated Sat, 23 Oct 2021 11:26 AM IST
सार

चंडीगढ़ के अवैध पीजी में हुए अग्निकांड को 20 माह बीत चुके हैं। इसमें तीन लड़कियों की जान गई थी। मामले में 19 पेशी पीड़ित परिजन भुगत चुके हैं। अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। अवैध पीजी में अग्निकांड की भेंट चढ़ी हिसार की मुस्कान को आज भी इंसाफ का इंतजार है।

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Hisars Muskan awaits justice She was killed in a fire in illegal PG in Chandigarh
आग - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

चंडीगढ़ के सेक्टर-32 में अवैध पीजी में हुए अग्निकांड की भेंट चढ़ी मुस्कान को दुनिया से जाने के 20 महीने बाद भी इंसाफ का इंतजार है। परिजन अदालतों में चक्कर काट रहे हैं। 20 महीने में 19 पेशी भी हो चुकी हैं। हर तारीख पर बड़ी उम्मीद से बुजुर्ग पिता और चाचा पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें तारीख पर तारीख ही मिल रही हैं। शुक्रवार को इस केस में चाचा की गवाही थी। अब अगली तारीख 29 अक्तूबर मिली है। अदालत के बाहर मोबाइल पर भतीजी की फोटो देख फूट-फूटकर रो रहे दिनेश ने बताया कि मुस्कान बहुत ही नेकदिल लड़की थी। हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहती थी।

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दिवाली पर अपने पिता से पटाखों के लिए पैसे लेती और उन पैसों से मिठाई खरीदकर झुग्गी के बच्चों में बांट आती। पढ़ाई में भी अव्वल थी। पूरे परिवार को उससे बहुत उम्मीदें थीं। उस अग्निकांड में मुस्कान नहीं जली, हमारी खुशियां भी राख हो गईं। दिनेश चंडीगढ़ के सेक्टर-20 में रहते हैं। उन्होंने बताया कि आखिरी बार मुस्कान ने अपने पिता राजीव मेहता को फोन किया था। रोते हुए बताया था कि पीजी में आग लग गई है।
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पापा मेरा दम घुट रहा है
मुस्कान ने पिता से कहा था कि उसका दम घुट रहा है। बाहर नहीं निकल पा रही। राजीव ने तुरंत मुझे फोन किया। मैं वहां पहुंचा, तो पीजी संचालक नितीश बंसल बाहर खड़ा था। उससे मुस्कान के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वह तो सबसे पहले भागी थी, जबकि वह अंदर आग में ही फंसी हुई थी। उसकी गैरजिम्मेदारी के कारण ही आज उनकी बच्ची दुनिया में नहीं है।

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जिला अदालत में चाचा की हुई गवाही
शुक्रवार को जिला अदालत में मुस्कान के पिता और चाचा की गवाही थी। एडीजे जगदीप सूद की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ट्रायल एविडेंस के लिए 29 अक्तूबर की तारीख दी है। मुस्कान के चाचा ने गवाही में बताया कि पीजी में कई कैमरे लगे थे, एक कैमरा मुस्कान के कमरे के सामने भी लगा था, इसे जांच का हिस्सा नहीं बनाया गया। इसके अलावा वार्डन ने मुस्कान के साथ वाले कमरे से अपनी बहन को निकाल लिया, लेकिन मुस्कान को नहीं। पीजी में नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन किया गया था। इनकी गंभीरता से पड़ताल होनी चाहिए थी।

हिसार की रहने वाली थी मुस्कान
22 फरवरी 2020 को सेक्टर-32डी के एक अवैध पीजी में भीषण आग लग गई थी। इसमें तीन छात्राओं मुस्कान मेहता, रिया और पाक्षी ग्रोवर की जलने से मौत हो गई थी। 21 वर्षीय मुस्कान हिसार की रहने वाली थी और गोस्वामी गणेश दत्ता सनातन धर्म (जीजीडीएसडी) कॉलेज, सेक्टर-32 चंडीगढ़ में एमकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा थी। 19 साल की पाक्षी उसी कॉलेज में बीए-1 की छात्रा थी और कोटकपूरा की रहने वाली थी। 20 साल की रिया कपूरथला की रहने वाली थी और सेक्टर-36 में अलायंस फ्रेंचाइज में फ्रेंच पढ़ रही थी।

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शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग
पुलिस के मुताबिक लैपटॉप चार्ज करते समय हुए शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी से गर्ल्स पीजी में आग लगी थी। इसमें 10 से 12 कमरे थे और 25 छात्राएं वहां मौजूद थीं। 20 तो किसी तरह वहां से निकल गईं, लेकिन पांच छात्राएं फंस गईं। धुएं के कारण दम घुटने और झुलसने तीन छात्राओं की मौत हो गई थी, जबकि दो ने इमारत से छलांग लगाकर जान बचाई थी। इसके संचालक नितीश बंसल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जबकि इसके मालिक गौरव अनेजा के खिलाफ भी केस दर्ज किया था। बाद में उसे भी जेल भेज दिया गया था।

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