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दूसरी औरत की बाहों में पति को नहीं देख सकती हिंदू पत्नी, पति के खिलाफ आर्मी को शिकायत सही : हाईकोर्ट

Tue, 11 Jun 2024 12:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2024 12:26 AM IST
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Hindu wife cannot see her husband in the arms of another woman, complaint to the Army against her husband is justified: High Court
-पति के रिश्तेदारों को चाय देने से इन्कार विवाहित जीवन के उतार चढ़ाव, क्रूरता नहीं
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-तलाक की मांग को लेकर मेजर की याचिका को हाईकोर्ट ने किया सिरे से खारिज

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तलाक की मांग को लेकर दाखिल आर्मी के मेजर की याचिका को खारिज करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि कोई हिंदू पत्नी अपने पति को दूसरी औरत की बाहों में नहीं देख सकती है। ऐसे में याची की पत्नी की जनरल ऑफिसर कमांडिंग को शिकायत देना और पति के रिश्तेदारों को चाय देने से इन्कार करने को क्रूरता नहीं माना जा सकता। अंबाला की फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दाखिल करते हुए मेजर ने बताया था कि उसकी पत्नी छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती है। इसके अलावा दोस्तों और रिश्तेदारों के सामने अपमान करती थी। साथ ही झूठे आरोप लगाए थे कि उसके कई महिलाओं के साथ विवाह होने के बावजूद संबंध हैं और इस बारे में उसने जनरल ऑफिसर कमांडिंग को शिकायत भी दी थी। इसके चलते याची के खिलाफ कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी शुरू की गई। इससे उसे अधिकारियों और सहकर्मियों की मौजूदगी में अपमानित और प्रताड़ित किया गया, इसलिए अपीलकर्ता की छवि और करियर खराब हुआ, जो क्रूरता के बराबर है। अंबाला की फैमिली कोर्ट ने यह भी पाया कि याची के हाथों से लिखे कई पत्र पत्नी के पास मौजूद हैं जिसे सुरक्षित रूप से प्रेम पत्र कहा जा सकता है। ऐसे में अदालत ने माना था कि याची को अपनी पत्नी से ज्यादा बाहरी लोगों में दिलचस्पी थी। यदि दंपती में से किसी एक के पास वैध आधार है तो उसे अधिकार है कि वह दूसरे को अपने तरीके सुधारने के लिए कहे। इन सभी आधारों पर अंबाला की अदालत ने तलाक की मांग को लेकर दाखिल याचिका खारिज कर दी थी।


इस फैसले को 2006 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए चुनौती दी गई थी। ट्रायल कोर्ट के फैसले से सहमति जताते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि याची द्वारा लगाए गए आरोप, अधिक से अधिक, विवाहित जीवन के सामान्य उतार-चढ़ाव को दर्शाते हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि कोई भी हिंदू पत्नी अपने पति को दूसरी महिला के बाहों में बर्दाश्त नहीं कर सकती। याची अपनी पत्नी के प्रति ईमानदार नहीं था। पीड़िता को रिश्ते सुधारने के लिए तीसरे पक्ष की मदद लेने का अधिकार है। ऐसे मेंं पत्नी का जनरल ऑफिसर कमांडिंग को पति के गलत व्यवहार के खिलाफ शिकायत प्रस्तुत करना उचित था। पति का अन्य महिला के प्रति अनैतिक झुकाव था और अपनी पत्नी की अनदेखी कर रहा था। याची के लव लैटर बताते हैं कि वह अनैतिक जीवन जी रहा था और उसका आचरण मानकों के अनुरूप नहीं था।
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