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चंडीगढ़ में हिमाचल की बसें जब्त: ISBT-17 में HRTC की दो बसों को किया इंपाउंड, एक का चालान काटा
Sun, 12 Jan 2025 03:45 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jan 2025 03:45 PM IST
सार
हिमाचल रोडवेज ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एचआरटीसी) की बसों को चंडीगढ़ में जब्त किया गया है। सटीए के मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर ने यह कार्रवाई शुक्रवार रात की। इसके बाद इंपाउंड की गई बसों को सेक्टर-17 के पुलिस थाने में ले जाकर खड़ी कर दी गईं।
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सेक्टर-17 में खड़ी हिमाचल रोडवेज की बसें।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल रोडवेज ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एचआरटीसी) की बसों पर चंडीगढ़ में कार्रवाई की गई है। चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित बस स्टैंड पर दो बसों को जब्त किया गया है। वहीं एक बस का चालान भी काटा गया है। बताया जा रहा है कि बसों को बिना कागजों के चलाया जा रहा था। एसटीए के मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर ने यह कार्रवाई शुक्रवार रात की। इसके बाद इंपाउंड की गई बसों को सेक्टर-17 के पुलिस थाने में ले जाकर खड़ी कर दी गईं। चालान इसलिए हुआ क्योंकि इन बसों के चालकों के पास न तो लाइसेंस, आरसी और न ही इंश्योरेंस की कॉपी थी।
शुक्रवार की इस कार्रवाई के बाद शनिवार को हिमाचल रोडवेज में हंगामा मच गया। रोडवेज के कर्मचारियों ने प्रबंधन पर दबाव बनाया कि अगर जल्द उनकी बसों को छुड़ाया नहीं गया तो वह अपनी बसें चंडीगढ़ में लेकर नहीं जाएंगे। चंडीगढ़ की बसों को भी हिमाचल में रोकने की धमकी दी गई। मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। उन्होंने दखल दिया और शनिवार को शाम चार बजे सेक्टर-17 के आईएसबीटी पर अधिकारियों की एक बैठक रखी गई। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनी, जिसके बाद देर शाम बसों को छोड़ दिया गया।
एसटीए के एक अधिकारी ने बताया कि हिमाचल रोडवेज की बसों के पास कोई भी कागज नहीं था। रूटीन चेकिंग के दौरान जब उन बस चालकों से लाइसेंस, आरसी आदि के बारे में पूछा गया तो वह कुछ भी नहीं दिखा पाए। जिन बसों के चालकों ने एक भी दस्तावेज दिखाए, उनका चालान नहीं किया गया लेकिन जो कुछ भी दिखाने में असफल रहे, उन्हीं दो बसों को जब्त किया गया। हालांकि, शनिवार देर शाम जब उन्होंने दस्तावेज दिखाए तो उसके बाद उन बसों को छोड़ दिया गया।
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शुक्रवार की इस कार्रवाई के बाद शनिवार को हिमाचल रोडवेज में हंगामा मच गया। रोडवेज के कर्मचारियों ने प्रबंधन पर दबाव बनाया कि अगर जल्द उनकी बसों को छुड़ाया नहीं गया तो वह अपनी बसें चंडीगढ़ में लेकर नहीं जाएंगे। चंडीगढ़ की बसों को भी हिमाचल में रोकने की धमकी दी गई। मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। उन्होंने दखल दिया और शनिवार को शाम चार बजे सेक्टर-17 के आईएसबीटी पर अधिकारियों की एक बैठक रखी गई। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनी, जिसके बाद देर शाम बसों को छोड़ दिया गया।
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एसटीए के एक अधिकारी ने बताया कि हिमाचल रोडवेज की बसों के पास कोई भी कागज नहीं था। रूटीन चेकिंग के दौरान जब उन बस चालकों से लाइसेंस, आरसी आदि के बारे में पूछा गया तो वह कुछ भी नहीं दिखा पाए। जिन बसों के चालकों ने एक भी दस्तावेज दिखाए, उनका चालान नहीं किया गया लेकिन जो कुछ भी दिखाने में असफल रहे, उन्हीं दो बसों को जब्त किया गया। हालांकि, शनिवार देर शाम जब उन्होंने दस्तावेज दिखाए तो उसके बाद उन बसों को छोड़ दिया गया।
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