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CLU सीडी कांड में 5 पूर्व कांग्रेसी विधायकों हाईकोर्ट से मिली राहत, मांगी जांच की स्टेटस रिपोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:11 AM IST
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हाईकोर्ट
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सीएलयू सीडी कांड में फंसे हरियाणा के पांच पूर्व विधायकों को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार को 6 सप्ताह के भीतर जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। इनेलो ने कांग्रेस के 5 पूर्व विधायकों की सीएलयू के बदले पैसे मांगते हुए दिखाने वाली सीडी जारी की थी।
यह मामला जब लोकायुक्त के पास पहुंचा तो उन्होंने पांचों पूर्व विधायकों राव नरेंद्र, विनोद भयाना, नरेश सेलवाल, जरनैल सिंह, रामनिवास घोड़ेला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने पांचों को राहत देते हुए उन पर एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगा दी थी।
सिंगल बेंच के इस फैसले को चुनौती देते हुए हरियाणा सरकार ने डबल बेंच के सामने याचिका दाखिल की थी। डबल बेंच ने हरियाणा सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच के आदेशों पर रोक लगा दी थी जिससे एफआईआर का रास्ता साफ हो गया था। इसके बाद हरियाणा सरकार ने पांचों पूर्व विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी।
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विधायकों की अपील पर आदेश रद्द
इसके बाद पांचों विधायकों ने सिंगल बेंच के आदेश पर लगी रोक हटाने की अपील की थी। इस पर जस्टिस सूर्यकांत की खंडपीठ ने 21 जनवरी और 25 जनवरी के उन आदेश को समाप्त कर दिया गया जिनके तहत पांचों विधायकों पर एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी गई थी। आदेश के चलते दर्ज हुई एफआईआर पर चल रही जांच की फाइनल रिपोर्ट फिलहाल दाखिल न करने के भी आदेश जारी कर दिए। मामला सिंगल बेंच को सुनवाई के लिए रेफर कर दिया गया था।
गिरफ्तारी की आशंका जताई
अब इस मामले में अर्जी दाखिल करते हुए पांचों ने बताया कि उन्हें बार-बार जांच के नाम पर बुलाया जाता है और उन्हें आशंका है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जांच की स्टेटस रिपोर्ट 6 सप्ताह के भीतर दाखिल करने के आदेश दिए हैं। साथ ही अगली सुनवाई तक पांचों पूर्व विधायकों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
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यह मामला जब लोकायुक्त के पास पहुंचा तो उन्होंने पांचों पूर्व विधायकों राव नरेंद्र, विनोद भयाना, नरेश सेलवाल, जरनैल सिंह, रामनिवास घोड़ेला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने पांचों को राहत देते हुए उन पर एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगा दी थी।
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सिंगल बेंच के इस फैसले को चुनौती देते हुए हरियाणा सरकार ने डबल बेंच के सामने याचिका दाखिल की थी। डबल बेंच ने हरियाणा सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच के आदेशों पर रोक लगा दी थी जिससे एफआईआर का रास्ता साफ हो गया था। इसके बाद हरियाणा सरकार ने पांचों पूर्व विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी।
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विधायकों की अपील पर आदेश रद्द
इसके बाद पांचों विधायकों ने सिंगल बेंच के आदेश पर लगी रोक हटाने की अपील की थी। इस पर जस्टिस सूर्यकांत की खंडपीठ ने 21 जनवरी और 25 जनवरी के उन आदेश को समाप्त कर दिया गया जिनके तहत पांचों विधायकों पर एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी गई थी। आदेश के चलते दर्ज हुई एफआईआर पर चल रही जांच की फाइनल रिपोर्ट फिलहाल दाखिल न करने के भी आदेश जारी कर दिए। मामला सिंगल बेंच को सुनवाई के लिए रेफर कर दिया गया था।
गिरफ्तारी की आशंका जताई
अब इस मामले में अर्जी दाखिल करते हुए पांचों ने बताया कि उन्हें बार-बार जांच के नाम पर बुलाया जाता है और उन्हें आशंका है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जांच की स्टेटस रिपोर्ट 6 सप्ताह के भीतर दाखिल करने के आदेश दिए हैं। साथ ही अगली सुनवाई तक पांचों पूर्व विधायकों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।