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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 4500 ईटीटी की नियुक्ति से रोक हटी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Fri, 15 Jul 2016 09:37 AM IST
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पंजाब में ईटीटी के 4500 पदों पर भर्ती का रास्ता बुधवार को साफ हो गया। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में इस भर्ती पर उस समय रोक लगा दी थी जब कुछ याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होने को आधार बनाते हुए भर्ती प्रक्त्रिस्या पर रोक लगाने की मांग की थी।
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि परीक्षा परिणाम घोषित किए जा चुके हैं, इसलिए याचिकाकर्ताओं की अपील निरर्थक है। पंजाब सरकार के जवाब के रिकार्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने भरती प्रक्रिया से रोक हटाते हुए मामले का निपटारा कर दिया।
योगराज सिंह व अन्य द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ताओं ने 2013 में ईटीटी के दो वर्षीय कोर्स में प्रवेश लिया था, जिसमें 2013 बैच की फाइनल परीक्षा 2015 में होनी थी। लेकिन इस परीक्षा को आयोजित नहीं किया गया, जिसके खिलाफ कोर्ट में अपील दाखिल की गई। कोर्ट के आदेश पर मार्च 2016 में परीक्षा का आयोजन हुआ, लेकिन मार्च में हुई परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं किया गया, जिसके चलते याचिकाकर्ता 4500 ईटीटी की भर्ती प्रक्त्रिस्या में हिस्सा लेने के लिए आवेदन नहीं कर सकते।
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याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने ही शिक्षकों की भर्ती प्रक्त्रिस्या शुरू की है और राज्य सरकार को ही ईटीटी कोर्स का रिजल्ट भी घोषित करना है। याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट रवि कमल गुप्ता ने दलील दी कि अगर शेड्यूल के अनुसार 2015 में फाइनल ईयर की परीक्षा हो जाती तो याचिकाकर्ताओं का रिजल्ट भी जारी हो जाता और याचिकाकर्ता ईटीटी भर्ती के लिए आवेदन करने पात्र होते।
याचिका में पंजाब सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के बाद पंजाब सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर 2 मई को ऑब्जेक्शन दाखिल करने की अंतिम तिथि रखी थी क्योंकि इसी दिन हाईकोर्ट में इस मामले में सुनवाई होनी थी। याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद इस मामले में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए 2 मई को इस पूरी भर्ती प्रक्त्रिस्या और आब्जेक्शन दाखिल करने की तिथि को लेकर जारी नोटिस पर रोक लगा दी थी।
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बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि परीक्षा परिणाम घोषित किए जा चुके हैं, इसलिए याचिकाकर्ताओं की अपील निरर्थक है। पंजाब सरकार के जवाब के रिकार्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने भरती प्रक्रिया से रोक हटाते हुए मामले का निपटारा कर दिया।
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योगराज सिंह व अन्य द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ताओं ने 2013 में ईटीटी के दो वर्षीय कोर्स में प्रवेश लिया था, जिसमें 2013 बैच की फाइनल परीक्षा 2015 में होनी थी। लेकिन इस परीक्षा को आयोजित नहीं किया गया, जिसके खिलाफ कोर्ट में अपील दाखिल की गई। कोर्ट के आदेश पर मार्च 2016 में परीक्षा का आयोजन हुआ, लेकिन मार्च में हुई परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं किया गया, जिसके चलते याचिकाकर्ता 4500 ईटीटी की भर्ती प्रक्त्रिस्या में हिस्सा लेने के लिए आवेदन नहीं कर सकते।
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याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने ही शिक्षकों की भर्ती प्रक्त्रिस्या शुरू की है और राज्य सरकार को ही ईटीटी कोर्स का रिजल्ट भी घोषित करना है। याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट रवि कमल गुप्ता ने दलील दी कि अगर शेड्यूल के अनुसार 2015 में फाइनल ईयर की परीक्षा हो जाती तो याचिकाकर्ताओं का रिजल्ट भी जारी हो जाता और याचिकाकर्ता ईटीटी भर्ती के लिए आवेदन करने पात्र होते।
याचिका में पंजाब सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के बाद पंजाब सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर 2 मई को ऑब्जेक्शन दाखिल करने की अंतिम तिथि रखी थी क्योंकि इसी दिन हाईकोर्ट में इस मामले में सुनवाई होनी थी। याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद इस मामले में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए 2 मई को इस पूरी भर्ती प्रक्त्रिस्या और आब्जेक्शन दाखिल करने की तिथि को लेकर जारी नोटिस पर रोक लगा दी थी।