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Highcourt: मौलीजागरां के प्राचीन शिव मंदिर के द्वार खोलने का आदेश, पुलिस करेगी पूरी भीड़ की निगरानी
Wed, 26 Feb 2025 10:15 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 26 Feb 2025 10:15 AM IST
सार
याचिकाकर्ता ने कहा कि मंदिर की भूमि का 50 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम की ओर से बिना किसी नोटिस और बिना किसी अधिकार क्षेत्र के अपने कब्जे में ले लिया और मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार को अवैध रूप से सील कर दिया। इससे भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने में बाधा उत्पन्न हुई।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने महाशिवरात्रि के अवसर पर भगदड़ की किसी भी घटना से बचने के लिए माैली जागरां के प्राचीन शिव मंदिर के सीलबंद मुख्य द्वार को खोलने का निर्देश दिया है। साथ ही चंडीगढ़ पुलिस को इसकी निगरानी करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट ने पहले निर्देश दिया था कि सैन्य बल पूरी भीड़ की निगरानी करेगा। हालांकि, बाद में आदेश में संशोधन किया गया और डीएसपी को जनशक्ति उपलब्ध कराने के लिए कहा। देवता प्राचीन शिव मंदिर द्वारा याचिका दाखिल करते हुए मौलीजागरां में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार को सील करने को चुनौती दी गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि दिसंबर में चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा भूमि विवाद के बाद मुख्य प्रवेश द्वार को अवैध रूप से सील कर दिया गया था।
याचिकाकर्ता ने कहा कि मंदिर की भूमि का 50 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम की ओर से बिना किसी नोटिस और बिना किसी अधिकार क्षेत्र के अपने कब्जे में ले लिया और मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार को अवैध रूप से सील कर दिया। इससे भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने में बाधा उत्पन्न हुई, उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। ऐसा करते हुए प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन किया गया।
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मंदिर की भूमि, कानून के अनुसार भगवान शिव-देवता के स्वामित्व में है। जब तक उक्त मुख्य द्वार को खोलने का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक अंततः पवित्र मंदिर के संबंधित स्थल पर भगदड़ मच सकती है। हाईकोर्ट ने ऐसे में 25 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर सीलबंद मुख्य प्रवेश द्वार को खोलने का निर्देश दिया और 2 मार्च के अंत में इसे बंद करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यह आदेश आगामी महा शिवरात्रि महोत्सव के मद्देनजर है, जो 26 फरवरी को है और 2 मार्च को लंगर सेवा है। आदेश मंदिर स्थल पर होने वाली किसी भी भगदड़ को रोकने के लिए है।
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हाईकोर्ट ने पहले निर्देश दिया था कि सैन्य बल पूरी भीड़ की निगरानी करेगा। हालांकि, बाद में आदेश में संशोधन किया गया और डीएसपी को जनशक्ति उपलब्ध कराने के लिए कहा। देवता प्राचीन शिव मंदिर द्वारा याचिका दाखिल करते हुए मौलीजागरां में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार को सील करने को चुनौती दी गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि दिसंबर में चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा भूमि विवाद के बाद मुख्य प्रवेश द्वार को अवैध रूप से सील कर दिया गया था।
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याचिकाकर्ता ने कहा कि मंदिर की भूमि का 50 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम की ओर से बिना किसी नोटिस और बिना किसी अधिकार क्षेत्र के अपने कब्जे में ले लिया और मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार को अवैध रूप से सील कर दिया। इससे भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने में बाधा उत्पन्न हुई, उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। ऐसा करते हुए प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन किया गया।
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मंदिर की भूमि, कानून के अनुसार भगवान शिव-देवता के स्वामित्व में है। जब तक उक्त मुख्य द्वार को खोलने का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक अंततः पवित्र मंदिर के संबंधित स्थल पर भगदड़ मच सकती है। हाईकोर्ट ने ऐसे में 25 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर सीलबंद मुख्य प्रवेश द्वार को खोलने का निर्देश दिया और 2 मार्च के अंत में इसे बंद करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यह आदेश आगामी महा शिवरात्रि महोत्सव के मद्देनजर है, जो 26 फरवरी को है और 2 मार्च को लंगर सेवा है। आदेश मंदिर स्थल पर होने वाली किसी भी भगदड़ को रोकने के लिए है।